न्यूयॉर्क। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हाफिज सईद और आतंकवाद से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ा। 24 सितंबर को UN मुख्यालय पहुंचने के दौरान पत्रकारों ने उनसे पूछा कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देने के आरोपों पर कब कार्रवाई करेगा। शहबाज शरीफ ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए।
UN मुख्यालय से बाहर निकलते समय पत्रकारों ने एक बार फिर उनसे लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल किया। इस बार भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने प्रतिक्रिया नहीं दी।
हाफिज सईद का नाम कई आतंकी मामलों में
हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक और प्रमुख रहा है। भारत में उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है। वह 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में भी आरोपी है।
जुलाई 2026 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम आतंकी हमले की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में भी हाफिज सईद को आरोपी बनाया था। चार्जशीट में उस पर लश्कर-ए-तैयबा और उसके सक्रिय प्रॉक्सी संगठन से जुड़े होने के साथ हमले की साजिश में भूमिका के आरोप लगाए गए हैं।
UN में पहले भी आतंकवाद पर पाकिस्तान का पक्ष रखते रहे हैं शहबाज
शहबाज शरीफ पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी अभियान का उल्लेख कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहा है और इस दौरान उसे बड़े पैमाने पर जनहानि और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद का मुद्दा फिर चर्चा में
UN में हाफिज सईद को लेकर पूछे गए सवाल ऐसे समय सामने आए हैं, जब भारत लगातार पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और सीमा पार आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है। वहीं पाकिस्तान भारत की ओर से लगाए गए आतंकवाद से जुड़े आरोपों को खारिज करता रहा है।
भारत ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भी पाकिस्तान के आतंकवाद और अल्पसंख्यकों से जुड़े रिकॉर्ड पर सवाल उठाए थे। इस दौरान भारतीय प्रतिनिधि ने कश्मीर में आतंकवादी हिंसा और पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया था।
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