ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट में इंडिया-ए के विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने शानदार शतकीय पारी खेली। पहले दिन रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाने के बाद कुशाग्र ने दूसरे दिन वापसी की और अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए 202 गेंदों में शतक पूरा किया। उनकी पारी ने इंडिया-ए को पहली पारी में मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
कुशाग्र ने 113 रन बनाए। उन्होंने तनुष कोटियान के साथ छठे विकेट के लिए 138 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस साझेदारी के दौरान दोनों बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलिया-ए के गेंदबाजों का डटकर सामना किया।
तनुष कोटियान का भी अर्धशतक
तनुष कोटियान ने भी बल्ले से उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने 68 रन की पारी खेली, जिसमें एक छक्का और चार चौके शामिल रहे। हालांकि वह अपनी पारी को शतक में नहीं बदल सके।
इससे पहले सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन ने 57 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। अमन मोखाड़े 6 रन और शेख रसीद 16 रन बनाकर आउट हुए।
पडिक्कल नहीं चला बल्ला
इंडिया-ए के कप्तान देवदत्त पडिक्कल से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह सिर्फ 3 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। टीम की पहली पारी अंततः 334 रन पर सिमट गई।
कुमार कुशाग्र की पारी खास इसलिए रही क्योंकि उन्होंने रिटायर्ड हर्ट होने के बाद मैदान पर वापसी की और अपना शतक पूरा किया। उनकी पारी में धैर्य और आक्रामक बल्लेबाजी का अच्छा संतुलन देखने को मिला।
ऑस्ट्रेलिया-ए के गेंदबाजों ने बनाए रखा दबाव
इंडिया-ए की पारी के दौरान ऑस्ट्रेलिया-ए के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। शुरुआती विकेट गिरने के बाद साई सुदर्शन ने पारी को संभाला, जबकि बाद में कुमार कुशाग्र और तनुष कोटियान ने मोर्चा संभाला।
कुशाग्र की पारी बनी आकर्षण का केंद्र
कुमार कुशाग्र की बल्लेबाजी इस मुकाबले की सबसे खास बात रही। पहले दिन चोट के कारण मैदान से बाहर जाने के बावजूद उन्होंने दूसरे दिन दोबारा बल्लेबाजी की। वापसी के बाद उन्होंने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए अपना शतक पूरा किया। कुशाग्र ने लंबी पारी खेलकर टीम के स्कोर को संभालने में अहम योगदान दिया।
इंडिया-ए के लिए मध्यक्रम ने संभाली जिम्मेदारी
इंडिया-ए की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कुछ प्रमुख बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे, लेकिन मध्यक्रम में कुशाग्र और तनुष कोटियान की साझेदारी ने टीम को संकट से बाहर निकाला। दोनों के बीच हुई साझेदारी के कारण इंडिया-ए सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।
सुदर्शन ने भी दिया अहम योगदान
साई सुदर्शन ने 57 रन बनाकर टीम को शुरुआती मजबूती दी। उन्होंने संभलकर बल्लेबाजी की और अपनी पारी के दौरान कुछ अच्छे शॉट लगाए। हालांकि उनके आउट होने के बाद टीम को मध्यक्रम के बल्लेबाजों से बड़ी साझेदारियों की जरूरत थी, जिसे कुशाग्र और तनुष ने पूरा किया।
पहली पारी में 334 रन पर ऑलआउट
कुमार कुशाग्र के शतक और तनुष कोटियान के अर्धशतक के बावजूद इंडिया-ए की पूरी टीम पहली पारी में 334 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम के कई बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। अब मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया-ए की बल्लेबाजी पर नजर रहेगी और यह देखना अहम होगा कि वह भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ किस तरह शुरुआत करती है।
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