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कानपुर कारोबारी हत्याकांड में रिमांड पर आरोपियों से पूछताछ, चाबी और CCTV से खुलेंगे राज

कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है। पुलिस बुधवार को हत्याकांड में आरोपी बहू शालू, कथित सुपारी किलर विशाल और राजकिशोर को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। जांच टीम आरोपियों को उन स्थानों पर भी ले जाएगी, जहां हत्या की साजिश और वारदात से पहले की गतिविधियों से जुड़े सुराग मिलने की बात सामने आई है।

पुलिस की जांच में फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी, आरोपियों की आवाजाही, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूछताछ के दौरान आरोपियों के बयानों का मिलान उपलब्ध साक्ष्यों से किया जाएगा।

जेड स्क्वायर मॉल और चाबी की दुकान ले जाएगी पुलिस

पुलिस के अनुसार, शालू और विशाल को जेड स्क्वायर मॉल ले जाकर वहां हुई गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद परेड चौराहे के पास उस दुकान की पहचान कराने की कोशिश होगी, जहां फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बनवाए जाने की बात जांच में सामने आई है।

पुलिस इस दौरान चाबी से जुड़े व्यक्ति की पहचान और उससे संबंधित जानकारी जुटाने के साथ पूरे घटनाक्रम का सीन रीक्रिएट कर सकती है। जांच टीम यह भी देखेगी कि वारदात से पहले आरोपी किस रास्ते से आए और घटना के बाद किस दिशा में गए।

आरोपियों के बयानों का कराया जाएगा मिलान

जांच में सामने आए कॉल डिटेल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों से कई सवाल पूछे जाएंगे। पुलिस खास तौर पर हत्या से पहले विशाल की शालू और सुब्रत से हुई बातचीत की जानकारी जुटा रही है।

जांच के मुताबिक, विशाल के नए मोबाइल नंबर से शालू को सात और सुब्रत को छह बार फोन किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस इन कॉल्स के समय और परिस्थितियों को अन्य डिजिटल साक्ष्यों से मिलाकर देखेगी।

फ्लैट में दोबारा समझाया जा सकता है घटनाक्रम

पुलिस आरोपियों को कल्याणपुर के इंदिरा नगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के फ्लैट में भी ले जा सकती है। यहां वारदात से जुड़े घटनाक्रम को दोबारा समझने का प्रयास होगा।

फ्लैट में प्रवेश और बाहर निकलने के रास्ते, CCTV कैमरों की स्थिति और आरोपियों की संभावित गतिविधियों का सत्यापन किया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य बयानों और मौके से मिले साक्ष्यों के बीच तालमेल की जांच करना है।

कारोबारी और बेटे के बीच विवाद की भी जांच

जांच के दौरान बिरहाना रोड स्थित फार्मा ट्रेडर्स से सामान गायब होने और इसे लेकर विनीत तथा उनके बेटे सुब्रत के बीच हुए विवाद की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इस विवाद की वजह और इसमें अन्य लोगों की संभावित भूमिका के बारे में पूछताछ करेगी।

इसके अलावा परिवार के आपसी संबंधों, पति-पत्नी के बीच विवाद, सास-बहू के रिश्ते और पिता-पुत्र के बीच चल रहे मतभेदों से जुड़े सवाल भी पूछताछ का हिस्सा होंगे।

देहरादून और गोवा कनेक्शन की भी पड़ताल

पुलिस को सुब्रत के देहरादून में रहने वाले एक कनाडाई दोस्त के बारे में भी जानकारी मिली है। जांच टीम इस संबंध में तथ्य जुटा रही है।

इसके अलावा गोवा में दवा कंपनी से जुड़े कार्यक्रम में सुब्रत को मिलने वाले पुरस्कार और उस दौरान हुई घटनाओं की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इन घटनाओं का हत्याकांड से कोई संबंध था या नहीं।

किटी पार्टियों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही

जांच में परिवार से जुड़ी अलग-अलग तरह की किटी पार्टियों का भी जिक्र सामने आया है। पुलिस पारिवारिक, कपल और महिलाओं की किटी पार्टियों से जुड़े लोगों तथा घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस का फोकस हत्या से पहले और बाद की गतिविधियों को समय के क्रम में जोड़ने पर है।

शालू के लखनऊ जाने के बाद सुब्रत के एक्सीडेंट की जांच

पुलिस के मुताबिक, एक समय शालू अपने मायके लखनऊ चली गई थी। इसी दौरान सुब्रत के शराब पीने और वाहन से दुर्घटना होने की जानकारी सामने आई है। शालू के वापस आने की परिस्थितियों को लेकर भी पुलिस पूछताछ कर सकती है।

5 सितंबर को हुई थी कारोबारी की हत्या

विनीत मिनोचा कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के C-104 फ्लैट में परिवार के साथ रहते थे। वह बिरहाना रोड पर फार्मा ट्रेडर्स नाम से दवा का कारोबार करते थे और बेटे सुब्रत के साथ व्यवसाय संभालते थे।

पुलिस के अनुसार, 5 सितंबर की रात विनीत पर चाकू से कई वार किए गए, जिससे उनकी मौत हो गई। अगले दिन पुलिस ने दुकान से जुड़े कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को पकड़ा। पूछताछ में विशाल ने कथित तौर पर शालू के कहने पर वारदात करने की बात कही थी।

अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने शालू को भी मामले में आरोपी बनाया और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

वसीयत भी जांच का हिस्सा

जांच के दौरान विनीत की पत्नी पुनीता मिनोचा की जून 2022 में तैयार वसीयत से जुड़ा दस्तावेज भी पुलिस के हाथ लगा है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। वसीयत में संपत्ति से संबंधित प्रावधानों की जानकारी और उसका हत्याकांड से संभावित संबंध भी जांच के दायरे में रखा गया है।

पुलिस अब कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ, घटनास्थल का सत्यापन, डुप्लीकेट चाबी की पड़ताल, कॉल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज के आधार पर केस की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करेगी।

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