महोबा। रैपुरा गांव की ऊबड़ खाबड़ गड्ढायुक्त सड़क के निर्माण की मांग को लेकर छात्र छात्राओं द्वारा झांसी मिर्जापुर हाईवे में दो दिन पहले लगाए गए जाम को खुलवाने के लिए मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने स्कूली बच्चों के साथ मारपीट और खींचातानी किए जाने के मामले पर पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने गंभीरता से लेते हुए शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सहित चार पुलिस कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
19 अगस्त को खराब सड़क से आवागम में छात्र छात्राओं और ग्रामीण को हो रही भारी दिक्कत के चलते छात्र छात्राओं ने हाईवे में जाम लगा दिया। लंबे समय से जर्जर पडी सड़क की अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई न किए जाने से आक्रोशित छात्र छात्राओं ने प्रदर्शन कर विरोध जताया था। छात्रों के जाम लगाए जाने से नाराज कोतवाली प्रभारी मनीष पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और छात्रों के साथ अभद्रता एवं मारपीट शुरू कर दी, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने छात्रों के साथ की गई अभद्रता और मारपीट के मामले में शहर कोतवाली प्रभारी सहित हेड कांस्टेबल उमाशंकर शुक्ला, कांस्टेबल अरुण कुमार और कांस्टेबल अभिषेक पटैरिया को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई क बाद जिले के आला अफसरों ने स्वयं गांव पहुंचकर ग्रामीणों और छात्र छात्राओं से सीधे बातचीत की साथ ही अभद्रता करने वाले पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बावत भी बताया। इस पर ग्रामीण और छात्र छात्राएं खासा खुश नजर आए। आलाधिकारियों का कहना है कि बच्चों के साथ किसी भी तरह का दुव्र्यवहार नहीं किया जाएगा। बताया कि आगे की जांच के आधार पर और भी कार्रवाई की जा सकती है।

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