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विरुधुनगर में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट: 16 की मौत, कई मलबे में दबे; सीएम स्टालिन ने जताया शोक

विरुधुनगर : फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके ने खुशियों के त्योहारों के लिए रोशनी बनाने वाले 16 परिवारों के चिराग बुझा दिए। इस भीषण हादसे में 16 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री की इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई और आसपास के मकानों में भी दरारें आ गईं।

धमाके की गूंज से दहल उठा इलाका, मलबे में दबी जिंदगियां : फायर एंड रेस्क्यू विभाग के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब फैक्ट्री में काम जोरों पर था। अचानक हुए विस्फोट के बाद पूरी बिल्डिंग मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके हैं, वहीं 6 घायलों को नाजुक हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अभी भी कई मजदूर दबे हो सकते हैं, जिन्हें निकालने के लिए राहत एवं बचाव टीमें (SDRF) युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं।

आसपास की इमारतों में आईं दरारें, दहशत का माहौल: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। फैक्ट्री के समीप स्थित कई घरों और इमारतों की दीवारों में दरारें आ गई हैं और खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल की गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन फैक्ट्री के अंदर क्या स्थिति है, इसका अंदाजा मलबे की ढेरों से लगाया जा सकता है। फिलहाल विस्फोट के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि केमिकल मिक्सिंग के दौरान हुई किसी लापरवाही से यह हादसा हुआ होगा।

सीएम स्टालिन ने जताया दुख, मंत्रियों को मौके पर भेजा: हादसे की खबर मिलते ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “विरुधुनगर पटाखा फैक्ट्री हादसे में कई लोगों की मौत की खबर बेहद पीड़ादायक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।” मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से दो मंत्रियों को घटनास्थल पर पहुंचने और राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला कलेक्टर को पीड़ितों के परिवारों को हर संभव चिकित्सा सहायता और मुआवजा सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन अब फैक्ट्री की लाइसेंसिंग और सुरक्षा मानकों की जांच में जुट गया है। विरुधुनगर जिला अपने पटाखा उद्योगों के लिए जाना जाता है, लेकिन अक्सर यहाँ होने वाले हादसे सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े करते रहे हैं।

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