नई दिल्ली। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने मंगलवार को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया। 19 विपक्षी दलों के सांसद संसद से चुनाव आयोग की ओर मार्च निकालने पहुंचे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर मार्च को रोक दिया, जिसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता आगे बढ़ने की कोशिश करते नजर आए। पुलिस ने नेताओं को बस में बैठाकर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ सांसदों ने इसका विरोध किया। इसके बाद राहुल गांधी समेत कुछ नेता आकाशवाणी भवन की ओर चले गए। चुनाव आयोग का कार्यालय वहां से करीब 270 मीटर दूर बताया गया है।
मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त रही। पुलिस ने विपक्षी नेताओं को कई बार आगे बढ़ने से रोका। राहुल गांधी तिरंगा लेकर बैरिकेड्स तक पहुंचे। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची, SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
विपक्ष ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
विपक्षी गठबंधन की ओर से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर कई मांगें उठाई गई हैं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, मतदाता सूची में पारदर्शिता, SIR को लेकर सवाल, EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान और विपक्षी दलों की एकजुटता शामिल है।
विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और सुधार की प्रक्रिया की जानकारी बूथ और विधानसभा स्तर पर सार्वजनिक की जानी चाहिए। किसी वैध मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे नोटिस और अपील का अवसर दिए जाने की मांग भी की गई है।
दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रदर्शन को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। संसद मार्ग, कनॉट प्लेस, पटेल चौक और जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग की गई। कई इलाकों में यातायात को डायवर्ट या नियंत्रित किया गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। वहीं, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के प्रदर्शन को जनादेश का अपमान बताते हुए उसकी आलोचना की है।
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