भुवनेश्वर। भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बालीअंता में गुरुवार को एक रेलवे कॉन्स्टेबल की कथित तौर पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। दो महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप को लेकर यह हिंसक घटना हुई।

मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की जांच के लिए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया है।वहीं मुख्यमंत्री ने मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

घटना का विवरण

मृतक की पहचान सौम्य रंजन स्वाईं के रूप में हुई है, जो कटक में तैनात सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कॉन्सटेबल थे। इस घटना में ओम प्रकाश राउत नामक एक अन्य युवक घायल हो गया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरोपों के अनुसार, दो महिलाएं स्कूटी से यात्रा कर रही थीं, तभी स्वाईं और राउत ने बालीअंता क्षेत्र में मोटरसाइकिल से उनका पीछा किया और ओवरटेक किया। बाद में महिलाओं ने दोनों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। महिलाओं में से एक ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए स्वाईं पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया है। पुलिस ने उसका बयान दर्ज कर लिया है।

भीड़ का हमला और बर्बर पिटाई

आरोप लगने के बाद ग्रामीणों ने कथित तौर पर दोनों युवकों को पकड़ लिया, उन्हें बांध दिया और सार्वजनिक रूप से बेरहमी से पीटा। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनकी जांच पुलिस कर रही है।

गंभीर रूप से घायल सौम्य रंजन स्वाईं की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि ओम प्रकाश राउत को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे अन्य लोगों की पहचान के लिए विशेष टीम बनाई है। जांचकर्ता घटना की पूरी कड़ी और भीड़ हिंसा तक पहुंचने वाली परिस्थितियों की पड़ताल कर रहे हैं।

थाने के बाहर तनाव

इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने गुरुवार देर रात थाने के बाहर प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थिति को नियंत्रित रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया।

गिरफ्तारियां और जांच

भीड़ हिंसा के मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस महिला की शिकायत और पूरी घटना की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस दुखद घटना पर चिंता जताई है।उन्होंने राज्य के डीजीपी वाई.बी.खुरानिया को सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष और व्यापक जांच पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में इस तरह की भीड़ हिंसा की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस महिला की शिकायत और भीड़ द्वारा की गई हिंसा, दोनों मामलों की गहन जांच कर रही है।