पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की तबीयत शुक्रवार को अचानक बिगड़ने से उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में चिंता का माहौल बन गया। नियमित नेत्र परीक्षण के लिए पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) पहुंचे लालू प्रसाद यादव की चिकित्सकीय जांच के दौरान उनके रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) में उतार-चढ़ाव पाया गया। इसके बाद अस्पताल के चिकित्सकों ने तत्काल उनकी विस्तृत स्वास्थ्य जांच की और कुछ समय तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, हालांकि डॉक्टरों ने उन्हें विशेष सावधानी बरतने और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी है।
जानकारी के अनुसार लालू प्रसाद यादव शुक्रवार की शाम अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत नियमित नेत्र परीक्षण के लिए आईजीआईएमएस पहुंचे थे। अस्पताल में आंखों की जांच से पहले डॉक्टरों ने उनकी सामान्य स्वास्थ्य जांच की, जिसमें रक्तचाप सामान्य स्तर से ऊपर-नीचे होता पाया गया। चिकित्सकों ने इसे देखते हुए तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को बुलाया और आवश्यक जांच शुरू कर दी। अस्पताल सूत्रों के अनुसार लालू प्रसाद यादव की उम्र और पूर्व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से बचने के लिए उनकी विस्तृत मेडिकल जांच कराई गई।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार चिकित्सकों ने उनका ब्लड प्रेशर, हृदय गति, ऑक्सीजन स्तर और अन्य जरूरी जांचें कीं। कुछ समय तक निगरानी में रखने के बाद जब स्वास्थ्य स्थिति सामान्य होती दिखाई दी, तब उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई। डॉक्टरों ने उन्हें तनाव से बचने, नियमित दवाएं समय पर लेने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहने की सलाह दी है। अस्पताल की ओर से आधिकारिक तौर पर बताया गया कि फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन उम्र और पूर्व बीमारियों को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव पिछले कई वर्षों से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। किडनी संबंधी गंभीर बीमारी के कारण उनका किडनी प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) भी हो चुका है। इसके अलावा मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी समस्याओं के चलते उन्हें समय-समय पर देश के विभिन्न बड़े अस्पतालों में इलाज कराना पड़ा है। चिकित्सकों की सलाह के अनुसार वह नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहते हैं और आवश्यक दवाएं लेते हैं।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बावजूद लालू प्रसाद यादव लगातार राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय बने हुए हैं। बिहार की राजनीति में उनकी भूमिका आज भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच वह लगातार पार्टी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और संगठनात्मक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे समय में उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आने के बाद पार्टी नेताओं और समर्थकों में चिंता बढ़ गई।
लालू प्रसाद यादव के अस्पताल पहुंचने की सूचना मिलते ही राजद के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और समर्थक आईजीआईएमएस पहुंचने लगे। अस्पताल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में समर्थकों की भीड़ जुट गई, जो लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने का प्रयास करती रही। पार्टी नेताओं ने समर्थकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
राजद के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि लालू प्रसाद यादव की स्वास्थ्य जांच नियमित प्रक्रिया का हिस्सा थी, लेकिन जांच के दौरान ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव मिलने पर डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त परीक्षण किए। नेताओं ने कहा कि चिकित्सकों की देखरेख में उनकी स्थिति अब पहले से बेहतर है और चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करने की अपील की।
बिहार के राजनीतिक गलियारों में भी लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य को लेकर चर्चा तेज हो गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। कई नेताओं ने फोन के माध्यम से उनके परिवार और राजद नेताओं से संपर्क कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। सोशल मीडिया पर भी हजारों समर्थकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए संदेश साझा किए।
विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ती उम्र में ब्लड प्रेशर का अचानक ऊपर-नीचे होना कई बार तनाव, थकान, दवाओं के प्रभाव या अन्य चिकित्सकीय कारणों से हो सकता है। जिन मरीजों को पहले से किडनी, मधुमेह या हृदय संबंधी समस्याएं रही हों, उनके मामले में अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक होती है। यही कारण है कि लालू प्रसाद यादव की जांच के दौरान डॉक्टरों ने कोई जोखिम न लेते हुए उनका विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू प्रसाद यादव केवल राजद ही नहीं बल्कि बिहार की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक समय से राज्य की राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। उनके स्वास्थ्य से जुड़ी हर जानकारी पर राजनीतिक दलों, समर्थकों और आम लोगों की नजर बनी रहती है। ऐसे में उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर ने स्वाभाविक रूप से व्यापक चर्चा को जन्म दिया।
अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल यही जानकारी दी गई है कि लालू प्रसाद यादव की स्थिति स्थिर है और डॉक्टर लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यदि आवश्यकता महसूस हुई तो आगे भी आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए जाएंगे। चिकित्सकों ने उन्हें पर्याप्त आराम करने, नियमित दवा लेने और अत्यधिक भागदौड़ से बचने की सलाह दी है।
फिलहाल राहत की बात यह है कि समय रहते चिकित्सकीय जांच होने के कारण संभावित स्वास्थ्य जोखिम को नियंत्रित कर लिया गया। हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी जारी रहेगी। वहीं राजद कार्यकर्ता और समर्थक अपने नेता के जल्द पूर्ण स्वस्थ होकर फिर से सक्रिय राजनीतिक जीवन में लौटने की कामना कर रहे हैं।
News Wani
