लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के खिलाड़ियों को जल्द ही आधुनिक खेल सुविधाओं का लाभ मिलने वाला है। प्रदेश सरकार ने केडी सिंह बाबू स्टेडियम और चौक स्टेडियम के आधुनिकीकरण एवं नवीनीकरण कार्य को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। दोनों स्टेडियमों में प्रस्तावित निर्माण एवं मरम्मत कार्य अगले तीन महीने के भीतर पूरे किए जाएंगे, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
शुक्रवार को खेल विभाग के सचिव सुहास एलवाई ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं तथा निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। सचिव ने स्पष्ट कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि केडी सिंह बाबू स्टेडियम के बैडमिंटन हॉल के नवीनीकरण के लिए 13 जुलाई को 1 करोड़ 85 लाख 43 हजार रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। इस राशि से बैडमिंटन हॉल का व्यापक नवीनीकरण कराया जाएगा। परियोजना के तहत खेल परिसर की विद्युत व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा, प्लंबिंग सिस्टम में सुधार किया जाएगा तथा खिलाड़ियों की सुविधा के लिए अन्य आवश्यक निर्माण और मरम्मत कार्य भी किए जाएंगे।
केडी सिंह बाबू स्टेडियम लंबे समय से प्रदेश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल रहा है। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अभ्यास करते रहे हैं। नवीनीकरण के बाद बैडमिंटन खिलाड़ियों को बेहतर कोर्ट, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और उन्नत सुविधाएं मिलेंगी, जिससे प्रशिक्षण का स्तर और बेहतर होगा।
इसके अलावा चौक स्टेडियम के विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी गई है। यहां मौजूदा बैडमिंटन हॉल और बास्केटबॉल कोर्ट का पूरी तरह नवीनीकरण कराया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए एक अत्याधुनिक जिम का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एक नया बास्केटबॉल कोर्ट भी विकसित किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।
समीक्षा बैठक के दौरान सचिव सुहास एलवाई ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और सभी तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्य के दौरान गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता तीनों पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि परियोजनाएं तय समय के भीतर पूरी होकर खिलाड़ियों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराई जा सकें।
खेल विभाग का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राजधानी के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित होने से युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और प्रदेश से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की संख्या में भी वृद्धि होगी।
सरकार का उद्देश्य प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में विभिन्न जिलों में खेल स्टेडियमों के उन्नयन और नई खेल सुविधाओं के विकास पर भी लगातार कार्य किया जा रहा है।
खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि कार्य निर्धारित योजना के अनुरूप चलता रहा तो अगले तीन महीनों में केडी सिंह बाबू स्टेडियम और चौक स्टेडियम के सभी निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद राजधानी के खिलाड़ियों को अत्याधुनिक बैडमिंटन हॉल, नए बास्केटबॉल कोर्ट, आधुनिक जिम और बेहतर खेल सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
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