फतेहपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत सरकारी धान खरीद व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने स्पष्ट किया है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद केवल पंजीकृत किसानों से ही की जाएगी। यदि किसी केंद्र पर बिचौलियों या व्यापारियों से धान खरीदने की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में आयोजित धान खरीद कार्यशाला में जिलाधिकारी ने सभी क्रय एजेंसियों के अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों को शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार खरीद प्रक्रिया संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
किसानों को क्रय केंद्रों पर मिलेगी बेहतर सुविधा
डीएम ने निर्देश दिए कि धान बेचने के लिए केंद्रों पर आने वाले किसानों के साथ सम्मानजनक और विनम्र व्यवहार किया जाए। किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। जिन किसानों का पंजीकरण हो चुका है, लेकिन सत्यापन लंबित है, उनका सत्यापन जल्द पूरा कराया जाए।
उन्होंने सभी क्रय केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त बोरों, इलेक्ट्रॉनिक कांटे, डस्टर, छलनी और तिरपाल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा शिकायत, खरीद, निरीक्षण, मूवमेंट और टोकन रजिस्टर सहित सभी जरूरी अभिलेख नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए।
जिले में 65 केंद्रों पर होगी सरकारी खरीद
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए जिले में कुल 65 धान क्रय केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग की विपणन शाखा के 36, पीसीएफ के 22, पीसीयू के छह और भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र शामिल है।
सरकार ने इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। किसान खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट fcs.up.gov.in या किसान मित्र ऐप के माध्यम से पंजीकरण कराकर अपनी सुविधानुसार नजदीकी सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेच सकते हैं।
नोडल अधिकारी करेंगे क्रय केंद्रों का निरीक्षण
जिलाधिकारी ने कहा कि धान खरीद व्यवस्था पर नजर रखने के लिए जनपद स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारी और शासन से नामित अधिकारी नियमित रूप से क्रय केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर खरीद प्रक्रिया की समीक्षा होगी। किसी भी तरह की अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को सरकारी धान खरीद योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश भी दिए, जिससे अधिक से अधिक किसान योजना की जानकारी प्राप्त कर न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ उठा सकें।
कार्यशाला में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, उप जिलाधिकारी, सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता, मंडी सचिव, विभिन्न क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधक और धान क्रय केंद्र प्रभारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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