Breaking News

फतेहपुर में पराली जलाने पर सख्ती, किसान के साथ लेखपाल पर भी होगी कार्रवाई

फतेहपुर। फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जनपद स्तरीय अधिकारियों, सभी उप जिलाधिकारियों और कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के साथ समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि बिना फसल अवशेष प्रबंधन व्यवस्था के धान की कटाई करते मिले कंबाइन हार्वेस्टर को तत्काल सीज कर अर्थदंड की कार्रवाई की जाए।

डीएम ने कहा कि प्रत्येक कंबाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ रेक, बेलर अथवा अन्य अनुमन्य फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र का प्रयोग अनिवार्य रूप से कराया जाए। इन यंत्रों के बिना किसी भी कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कंबाइन संचालकों और एफपीओ को भी अपने-अपने क्षेत्र के किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विगत वर्षों में अधिक पराली जलाने वाले गांवों को चिह्नित कर किसानों की सूची तैयार करने के निर्देश उप कृषि निदेशक को दिए गए।

डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि संबंधित राजस्व लेखपालों के माध्यम से गांवों में बैठकें आयोजित कर किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली जलाने की घटना सामने आने पर संबंधित किसान के साथ-साथ राजस्व लेखपाल के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए कि गौशालाओं में पराली देने के इच्छुक किसानों की सूची तैयार कर सचिवों के माध्यम से पराली को गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्राम प्रधानों की बैठक आयोजित कर उन्हें अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में पराली न जलाने के अभियान का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। इसके अलावा विद्यालयों में भी पराली न जलाने को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

सीडीओ पवन कुमार मीना ने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ मिट्टी की उर्वरता और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों से फसल अवशेषों का खेत में उचित प्रबंधन करने, उन्हें सड़ाने अथवा मिट्टी में मिलाने की अपील की।

उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद में न्याय पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लाभ और पराली जलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जा रही है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, जिला विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला कृषि अधिकारी समेत एफपीओ प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

About NW-Editor

Check Also

फतेहपुर में सरिता भारती को मिली अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी, योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता

फतेहपुर। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पद पर सरिता भारती ने मंगलवार को कार्यभार ग्रहण …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *