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चाय दुकान विवाद: भाजपा पर सांप्रदायिक माहौल बनाने का आरोप

– बैठक बुलाने व अखिलेश का पुतला फूंकने वाला नदीम पूर्व मंत्री का खास
– चाय विक्रेता के यहां खाद्य विभाग की छापेमारी को बताया उत्पीड़न की कार्रवाई
– पत्रकारों से बातचीत करते पूर्व विधायक मो0 सफीर, सपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह यादव व अन्य।
फतेहपुर। सुल्तानपुर घोष क्षेत्र के चौकी चौराहे स्थित शेषमन चाय की दुकान पर हुए विवाद को लेकर बुधवार को हथगाम के एक गेस्ट हाउस में पूर्व विधायक मोहम्मद सफीर की अध्यक्षता में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। संचालन हुसैनगंज विधानसभा अध्यक्ष सुघर लाल यादव एडवोकेट ने किया। वार्ता में सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह यादव, प्रदेश सचिव जगनायक सिंह यादव, महासचिव चौधरी मंजर यार, चेयरमैन धीरेंद्र कुमार उर्फ मुन्ना बाबू, पूर्व जिलाध्यक्ष वली उल्ला, विपिन सिंह यादव, हुसैनगंज विधायक ऊषा मौर्या के सुपुत्र विकल्प मौर्य व आसिफ मकसूद सहित अन्य नेता शामिल रहे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि चाय की दुकान पर हुई मामूली मारपीट की घटना को भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों द्वारा सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। एक वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें प्रेमनगर में आयोजित बैठक के संयोजक नदीम उद्दीन को पूर्व मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह के आवास पर माल्यार्पण करते हुए दिखाया गया। पूर्व विधायक मोहम्मद सफीर ने कहा कि इजूरा प्रधान नदीम उद्दीन द्वारा बुलाई गई बैठक में अधिकांश लोग भाजपा से जुड़े थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मुस्लिम लोग बहकावे में वहां पहुंचे, जिन्होंने बाद में सफाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि एक प्रधान द्वारा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए गए, जो अस्वीकार्य हैं। सपा नेताओं ने अखिलेश यादव का पुतला जलाए जाने की घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने दावा किया कि नदीम उद्दीन पहले ही भाजपा से जुड़ चुके हैं और खुद को समाजवादी बताना भ्रामक है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि शेषमन चाय विक्रेता के यहां खाद्य विभाग की छापेमारी को उत्पीड़न की कार्रवाई बताया गया। उनका कहना था कि अखिलेश यादव द्वारा चाय पीने के बाद से चाय विक्रेता को निशाना बनाया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि भाजपा यादव और मुस्लिम समुदाय के बीच दूरी बनाने की कोशिश कर रही है, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने पीडीए के जरिए समाज को एकजुट करने की बात कही और 2027 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने का दावा किया। इस अवसर पर धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, यासिर सफीर, मो. आजम, जैद सफीर, राम बाबू यादव, मो. ताहिर, वीरेंद्र सिंह, रिजवान अहमद, सुशील यादव, परवेज आलम, केके सिंह, अजीत सिंह, अंकित यादव, दारा यादव और मोनू यादव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शमशाद के घर गए सपा नेता, मांगी माफी: फतेहपुर। पिछले सोमवार को प्रेमनगर में हुई बैठक के दौरान हथगाम नगर के शमशाद अहमद जैसे ही प्रेस कॉन्फ्रेंस हाल में पहुंचे चेयरमैन धीरेंद्र कुमार उर्फ मुन्ना बाबू और उनके समर्थक भड़क गए क्योंकि शमशाद ने अखिलेश यादव का पुतला फूंका था। थोड़ी देर बाद स्थिति संभाली गई। सपा जिलाध्यक्ष, महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष, छात्र सभा अध्यक्ष और स्वयं चेयरमैन शमशाद अहमद के आवास गए और कहा कि चूंकि वे अखिलेश यादव को अपना भगवान मानते हैं इसलिए पुतला जलाने वाले का चेहरा सामने आने पर वे भावावेश में आ गए जिसके लिए वे खेद प्रकट करते हैं। दरअसल वीडियो में पुतला दहन करते हुए शमशाद का चेहरा आने पर सपाइयों में पहले से आक्रोश भरा था जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में शमशाद के पहुंचने पर फूट पड़ा। शमशाद अपनी गलती मानने और सफाई देने पहुंचे थे लेकिन तब तक उनके ऊपर गुस्सा फूट पड़ा।

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