नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान घायल हुए 25 वर्षीय इरशाद शेख ने दावा किया है कि उनके चेहरे, आंख और कंधे पर 40 से अधिक पैलेट जैसे छर्रे लगे, जिनके कारण उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। फिलहाल उनका इलाज दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।
इरशाद ने बताया कि वह परीक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उनके अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की, इसी दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने दावा किया कि उनके शरीर में धंसे छर्रों के कारण चेहरे और आंख पर चोटें आईं।
घायल इरशाद ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने अभी तक उन्हें अंतिम मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई है। उनका कहना है कि इलाज और सर्जरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिस्चार्ज के समय रिपोर्ट दी जाएगी।
इरशाद ने बताया कि अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा उनसे मिलने पहुंचे थे। मुलाकात के दौरान नड्डा ने उनका हालचाल पूछा और प्रदर्शन में शामिल होने का कारण जानना चाहा। इरशाद के अनुसार, उन्होंने मंत्री से कहा कि वह अपने छोटे भाई-बहनों और युवाओं के भविष्य की चिंता को लेकर आंदोलन में शामिल हुए थे। इस पर नड्डा ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है और वह केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इरशाद ने कहा कि यदि स्वास्थ्य ठीक हुआ और जरूरत पड़ी तो वह दोबारा भी आंदोलन में शामिल होंगे।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन का उपयोग नहीं किया गया और इस संबंध में किए जा रहे दावे भ्रामक हैं। वहीं, इरशाद ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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