फतेहपुर। आलू की कीमतों में गिरावट से किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान से राहत दिलाने के लिए उद्यान विभाग ने वर्ष 2026-27 में भाव स्थिरता कोष एवं निजी शीतगृहों में भंडारित आलू पर अनुदान की योजना शुरू की है। योजना के तहत पात्र आलू उत्पादक किसानों को निर्धारित मानकों के आधार पर अनुदान दिया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. रमेश पाठक ने बताया कि आलू की अधिकता के कारण बाजार भाव में गिरावट आने की स्थिति में पात्र किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर अथवा दो सौ क्विंटल आलू पर अनुदान देय होगा। रोपित क्षेत्रफल का निर्धारण अद्यतन खसरा एवं खतौनी के आधार पर किया जाएगा।
योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास किसान पहचान-पत्र होना तथा एग्रीस्टैक पोर्टल पर आलू उत्पादक के रूप में पंजीकरण अनिवार्य है। किसानों को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए फोटोयुक्त वैध पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक अथवा चेकबुक तथा खसरा-खतौनी उपलब्ध कराना जरूरी होगा।
अनुदान की राशि आधार सीडेड डीबीटी के माध्यम से आधार प्रमाणित बैंक खाते में भेजी जाएगी। ऑनलाइन आवेदन के बाद किसानों को गेटपास एवं प्रपत्र-6 सहित आवश्यक अभिलेखों की प्रतियां जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
30 से 80 एमएम आकार के आलू पर मिलेगा लाभ
योजना के तहत एफएक्यू गुणवत्ता वाले 30 से 80 एमएम आकार के बिके हुए आलू पर अनुदान का लाभ दिया जाएगा। आलू की खुदाई के दौरान एक जनवरी से 15 अप्रैल तथा शीतगृहों से निकासी के दौरान एक जुलाई से 31 अक्टूबर तक की भाव गिरावट की अवधि योजना के लिए निर्धारित की गई है।
अनुदान की गणना न्यूनतम उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत अथवा न्यूनतम उत्पादन लागत और बिक्री दर के अंतर, दोनों में से जो कम होगा, उसके आधार पर की जाएगी।
जल्द कराएं ऑनलाइन पंजीकरण
जिला उद्यान अधिकारी ने जनपद के पात्र आलू उत्पादक किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीकरण कराकर योजना का लाभ उठाएं। किसान विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए इच्छुक किसान किसी भी कार्यदिवस में जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, विकास भवन के कमरा नंबर 139 में संपर्क कर सकते हैं।
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