वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर बड़े सैन्य हमले की पूरी तैयारी कर चुका है और अब अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान ने अभी तक पर्याप्त नुकसान नहीं झेला है।
ट्रम्प के बयान के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने नए हमले किए तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट का समाधान केवल बातचीत से संभव है, सैन्य कार्रवाई से नहीं।
इधर ब्रिटेन ने भी अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है। ब्रिटिश सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर उसकी सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। इससे पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) चेतावनी दे चुकी है कि यदि अमेरिका ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का उपयोग करता है तो उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है।
इस बीच अमेरिका ने लगातार 13वीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरानी मीडिया के अनुसार, तेहरान समेत कई शहरों में विस्फोट हुए हैं। वहीं यमन के हूती विद्रोहियों ने रेड सी में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
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