चौडगरा, फतेहपुर। मलवां विकासखंड के पहरवापुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य राघव जी महाराज ने राजा परीक्षित द्वारा जाने-अनजाने में समीप ऋषि के गले में मरा हुआ सांप डालने की घटना और श्रृंगी ऋषि द्वारा उन्हें सातवें दिन तक्षक नाग के काटने का श्राप दिए जाने का प्रसंग सुनाया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन विषय-वस्तुओं को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़कर विषय-वस्तुओं को भोगने में लगा हुआ है। उसका सारा ध्यान सांसारिक सुखों को प्राप्त करने में लगा रहता है। मानव जीवन का उद्देश्य श्रीकृष्ण की प्राप्ति करना है।
आचार्य ने कहा कि हमारे जीवन का उद्देश्य श्रीकृष्ण को प्राप्त करना है। यदि हम यह दृढ़ निश्चय कर लें कि हमें जीवन में श्रीकृष्ण को पाना ही है, तो हमारे लिए प्रभु से बढ़कर कोई दूसरा सुख, संपत्ति या समृद्धि नहीं है।
कथा में पहुंचे भाजपा नेता संतोष तिवारी और युवा विकास समिति के प्रवक्ता आलोक गौड़ ने व्यास पीठ पर पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर आदर्श चौहान, दीपक सिंह चौहान सहित मुख्य यजमान कमलेश, जग रूप तोमर, जयराम तोमर, वीरेंद्र तोमर, राहुल तोमर, खुशबू तोमर, योगेंद्र सिंह, बृजेश सिंह, अंशू सिंह, किरण सिंह, धीरू सिंह, आकाश मिश्रा, निखिल, संजू, शशांक, राहुल सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
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