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महोबा में यूपी-112 कर्मियों को आपातकालीन पुलिसिंग का प्रशिक्षण, 8 दिवसीय फ्रेशर कोर्स पूरा

महोबा। जनपद में यूपी-112 परियोजना के तहत पीआरवी वाहनों पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित आठ दिवसीय फ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। प्रशिक्षण का आयोजन जिला प्रशिक्षण इकाई (DTU), महोबा में 28 सितंबर 2026 से किया गया।

यूपी-112 मुख्यालय लखनऊ के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी 112 तेज प्रकाश के नेतृत्व में पीआरवी कर्मियों का 15 दिवसीय फ्रेशर प्रशिक्षण दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रथम चरण के तहत आठ दिवसीय प्रशिक्षण पूरा कराया गया।

आपात स्थिति में बेहतर पुलिस रिस्पॉन्स पर जोर

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पीआरवी कर्मियों की कार्यक्षमता, दक्षता और व्यावसायिक कौशल को बढ़ाना रहा, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में आमजन को त्वरित और प्रभावी पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को घटनास्थल पर पहुंचने के बाद आवश्यक कार्रवाई, प्रथम प्रतिक्रिया, प्राथमिक उपचार, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, कानून-व्यवस्था, वायरलेस संचार और पुलिस रिस्पॉन्स से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने अलग-अलग विषयों पर दी जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार विभिन्न विशेषज्ञों और पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण दिया। प्राथमिक उपचार, प्रथम प्रतिसादकर्ता की भूमिका और CPR की जानकारी डॉ. प्रेमदास एवं डॉ. चन्द्रशेखर ने दी।

वयस्क मनोविज्ञान से जुड़े मुद्दों पर भी डॉ. प्रेमदास एवं डॉ. चन्द्रशेखर ने प्रशिक्षण दिया। फॉरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट की जानकारी कांस्टेबल अमित कुमार एवं कांस्टेबल आलोक कुमार ने दी।

अग्नि एवं अग्नि दुर्घटनाओं से जुड़े विषयों तथा प्रथम प्रतिसादकर्ता की भूमिका पर फायरमैन सूरजपाल यादव ने प्रशिक्षण दिया। संचार कौशल और पीआरवी वाहन में उपलब्ध उपकरणों के परिचय एवं उनके प्रयोग की जानकारी हेड कांस्टेबल सोमसिंह ने दी।

आपदा प्रबंधन के सिद्धांत तथा प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से निपटने के संबंध में हेड कांस्टेबल हरिशंकर एवं कांस्टेबल अखिलेश त्रिपाठी ने प्रशिक्षण दिया। वहीं MDT हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और उसकी कार्यप्रणाली से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी भी हेड कांस्टेबल हरिशंकर ने दी।

त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर फोकस

प्रशिक्षण के माध्यम से पीआरवी कर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों में तेजी से निर्णय लेने, घटनास्थल पर प्रभावी प्रथम प्रतिक्रिया देने और जरूरतमंद लोगों को समयबद्ध पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण से पीआरवी कर्मियों की आपातकालीन पुलिसिंग से जुड़ी दक्षता को मजबूत करने और मौके पर बेहतर रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

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