न्यूज़ वाणी ब्यूरो
फतेहपुर। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने मंगलवार को खखरेरू और धाता स्थित कान्हा गौशालाओं का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों का जायजा लिया। खखरेरू गौशाला में इंटरलॉकिंग कार्य में खराब गुणवत्ता की ईंटें इस्तेमाल होने और विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुधारने तक नगर पंचायत खखरेरू के अधिशासी अधिकारी का वेतन आहरित नहीं करने के निर्देश दिए।
धाता गौशाला में चारा-पानी की व्यवस्था परखी
धाता स्थित कान्हा गौशाला में जिलाधिकारी ने गोवंशों के लिए उपलब्ध हरे चारे, भूसे, दाने, चोकर और पानी की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने गौशाला की चाहरदीवारी, शेड, सीसीटीवी कैमरों और विजिटिंग रजिस्टर समेत अन्य अभिलेखों की भी जांच की।
डीएम ने प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी को गोवंशों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और समय से टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी गोवंशों की शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग सुनिश्चित करने को कहा।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर जताई नाराजगी
खखरेरू स्थित कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय स्थल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गोवंशों के लिए कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य की गुणवत्ता देखी। जांच में इस्तेमाल की गई ईंटें मानक के अनुरूप नहीं मिलीं। इसके अलावा गौशाला में विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था भी नहीं थी।
इन कमियों पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा होने तक नगर पंचायत खखरेरू के अधिशासी अधिकारी का वेतन आहरित न किया जाए।
पटल सहायक से मांगा स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी ने संबंधित पटल सहायक से भी स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को गौशाला की व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही न बरतने और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दोनों गौशालाओं का 15 दिन के भीतर दोबारा निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी खागा, क्षेत्राधिकारी खागा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी धाता समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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