AIIMS रायबरेली में शुरू हुई वीडियो यूरोडायनेमिक्स सुविधा: अब बच्चों की किडनी संबंधी जटिल समस्याओं का स्थानीय स्तर पर होगा सटीक इलाज
रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायबरेली ने बाल चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान में अब वीडियो यूरोडायनेमिक्स की आधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध हो गई है। इस विश्वस्तरीय तकनीक की शुरुआत से क्षेत्र के बच्चों को मूत्राशय और मूत्र मार्ग से जुड़ी जटिल समस्याओं का सटीक और त्वरित इलाज मिल सकेगा।
क्या है वीडियो यूरोडायनेमिक्स?
वीडियो यूरोडायनेमिक्स बच्चों में मूत्राशय (ब्लैडर) और मूत्र मार्ग की कार्यप्रणाली को आंकने वाली एक बेहद उन्नत जांच है। इसमें मूत्राशय के अंदर बनने वाले दबाव को मापने के साथ-साथ एक्स-रे इमेजिंग के जरिए यह देखा जाता है कि ब्लैडर भरते और खाली होते समय कैसे काम कर रहा है। साधारण अल्ट्रासाउंड या सामान्य मूत्र जांच की तुलना में यह तकनीक रियल-टाइम (वास्तविक समय) में सटीक जानकारी देती है।
किन बच्चों के लिए है यह जांच बेहद उपयोगी?
यह जांच विशेष रूप से उन बच्चों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी जो इन समस्याओं से जूझ रहे हैं:
बार-बार मूत्र संक्रमण (UTI) होना
पेशाब करने में कठिनाई या नियंत्रण न होना
बार-बार बिस्तर गीला करना
स्पाइना बिफिडा और न्यूरोजेनिक ब्लैडर
जन्मजात मूत्र मार्ग की विकृतियाँ
किडनी को स्थायी नुकसान से बचाएगी यह तकनीक
इस जांच का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बच्चों की किडनी की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। कई बार मूत्राशय में असामान्य दबाव बढ़ने से किडनी को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचता है, जिसके शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते। वीडियो यूरोडायनेमिक्स समय रहते इस खतरे को पहचान लेती है, जिससे सही समय पर दवाइयाँ, कैथेटर प्रबंधन या सर्जरी करके भविष्य में डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर नौबत आने से बचा जा सकता है।
मरीजों और परिजनों को मिलेगी बड़ी राहत
एम्स रायबरेली में इस सुविधा के शुरू होने से पहले मरीजों को लखनऊ, वाराणसी या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ, समय की बर्बादी और मानसिक तनाव बढ़ता था। अब स्थानीय स्तर पर यह सुविधा मिलने से समय पर जांच, शीघ्र उपचार और बेहतर फॉलो-अप संभव हो सकेगा।
AIIMS रायबरेली की नई पहल
AIIMS रायबरेली उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को आम जनता तक किफायती दर पर पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्थान का मानना है कि इस प्रकार की आधुनिक तकनीकों और कौशल-आधारित कार्यशालाओं से न केवल बाल मूत्रविज्ञान (Pediatric Urology) के क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी, बल्कि मरीजों को भी इसका सीधा लाभ प्राप्त होगा।

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