खागा, फतेहपुर। खागा कोतवाली क्षेत्र के उमरा गांव में एक युवक की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि तबीयत खराब होने के बाद युवक का इलाज कराने के बजाय उसकी झाड़-फूंक कराई जा रही थी। इसी दौरान हालत बिगड़ने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कथित ओझा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। मामले का संज्ञान लेते हुए राज्यमंत्री कृष्णा पासवान भी परिजनों से मिलने पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
जानकारी के अनुसार, उमरा गांव निवासी रामचंद्र पुत्र सकटू की काफी समय से तबीयत खराब चल रही थी। परिजनों का कहना है कि कई स्थानों पर उपचार कराने के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने कथित ओझा सर्वेश सोनी से संपर्क किया।
आरोप है कि 12 सितंबर से रामचंद्र की झाड़-फूंक शुरू कराई गई थी। रात में उसकी हालत अधिक बिगड़ने पर कथित ओझा दोबारा मौके पर पहुंचा और देर रात तक झाड़-फूंक करता रहा। इसी दौरान युवक की मौत हो गई।
मौत की खबर फैलते ही गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए जनप्रतिनिधि के मौके पर पहुंचने तक शव न उठाने की बात कही। हंगामे के दौरान मारपीट की सूचना भी सामने आई।
स्थिति बिगड़ने की जानकारी मिलते ही खागा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। पुलिस ने कथित ओझा को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि मृतक अपने पीछे करीब 18 वर्षीय बेटी और 15 व 13 वर्ष के दो बेटों को छोड़ गया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यदि जांच में कथित तांत्रिक की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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