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धर्मगुरुओं के अपमान पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन सड़कों पर उतरे कांग्रेसी, जुलूस निकालकर प्रशासन को दी चेतावनी

सुल्तानपुर। प्रयागराज के माघ मेले में ज्योतिपीठ जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ प्रशासन द्वारा कथित रूप से की गई मारपीट व गाली-गलौज की घटना को लेकर जिले की सियासत गरमा गई है। इस घटना के विरोध में बुधवार को कांग्रेस पार्टी ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व एवं शहर अध्यक्ष शकील अंसारी की मौजूदगी में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय से शुरू हुआ विरोध जुलूस लाल डिग्गी चौराहा, सुपर मार्केट और बड़ा डाकखाना चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचा। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और प्रशासन की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला। कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने कांग्रेसियों ने सड़क पर बैठकर घंटों धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी अधिकारियों के तत्काल निलंबन, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच और संतों के सम्मान की सुरक्षा की मांग की। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी हिंदू समाज के सर्वोच्च धर्मगुरुओं में से हैं। उनके साथ मारपीट और अपमान यह साबित करता है कि भाजपा सरकार पूरी तरह तानाशाही रवैया अपना चुकी है। उन्होंने कहा, “जिस सरकार में संत और धर्मगुरु सुरक्षित न हों, वहां आम जनता की सुरक्षा की कल्पना भी नहीं की जा सकती। भाजपा सरकार में न धर्म सुरक्षित है और न ही धर्मगुरु।”

शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि धर्मगुरुओं का अपमान पूरे हिंदू समाज का अपमान है। यदि दोषी अधिकारियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप देगी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में प्रशासन बेलगाम हो चुका है और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का काम कर रहा है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि संत समाज और धर्मगुरुओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।  इस विरोध प्रदर्शन में सलाउद्दीन हाशमी, राजेश तिवारी, वरुण मिश्रा, सुब्रत सिंह सनी, ममनून आलम, आवेश अहमद, जफर खान, रणजीत सिंह सलूजा, सियाराम तिवारी, राहुल त्रिपाठी, शरद श्रीवास्तव, श्रीमती राम कुमारी, हमीद राइनी, अतहर नवाब, मो. कमर खान, अशोक सिंह, मनीष तिवारी, नंदलाल मौर्य, मोहित तिवारी, देवेंद्र तिवारी, संतोष वर्मा, मो. अतीक, मोहसिन सलीम, तेरसराम पाल, अरशद पवार, इश्तियाक अहमद, देवेंद्र पांडेय, सर्वेंद्र बहादुर सिंह, इमरान अहमद, अवधेश गौतम, इकराम, ओमप्रकाश दुबे, आमिर पठान, रामचंद्र कोरी, दिनेश मिश्रा, सुरेश चंद्र मिश्र, चंद्रभान सिंह, सियाराम वर्मा, दिनेश तिवारी, इंद्रकेश शर्मा, सर्वेश सिंह सोनू, राहुल मिश्र, एजाजुद्दीन, राम लौट यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व पदाधिकारी शामिल रहे। कुल मिलाकर, धर्मगुरुओं के कथित अपमान को लेकर कांग्रेस का यह प्रदर्शन जिले में राजनीतिक हलचल का बड़ा कारण बन गया है और आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने के संकेत दिए गए हैं।

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