नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून ने एक बार फिर कहर बरपाया है। छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। कहीं बिजली गिरने से मौत हुई, तो कहीं उफनाती नदियों में बच्चे और युवक बह गए। कई राज्यों में मौसम विभाग ने भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में पैदल जा रही एक महिला पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बिलासपुर जिले में स्कूल से घर लौट रहे तीन बच्चे घोंघा नदी के तेज बहाव में बह गए। राहत एवं बचाव अभियान के बाद तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए।
बलरामपुर जिले में कन्हर नदी पार करते समय एक युवक भी तेज बहाव में बह गया, जिसकी तलाश जारी है। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर हैं और 19 जिलों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। बाढ़ से दर्जनों गांव प्रभावित हुए हैं, जबकि कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। रिपोर्ट के अनुसार 92 गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है और 26 गांव टापू जैसे हालात में पहुंच गए हैं। वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण दशाश्वमेध घाट स्थित पुलिस चौकी पानी में डूब गई। वहीं प्रयागराज के दारागंज घाट का शमशान क्षेत्र भी जलमग्न हो गया है, जिसके चलते लोगों को घाट के बजाय सड़कों के किनारे अंतिम संस्कार करने पड़ रहे हैं।
ललितपुर में सैर नाले पर बना पुल डूबने के बाद तेज बहाव में एक युवक की बाइक बह गई, हालांकि युवक की जान बच गई। गाजियाबाद में भारी बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। कई वाहन पानी में बंद हो गए और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जेसीबी की सहायता से बाहर निकालना पड़ा। उन्नाव में गंगा स्नान के दौरान डूब रही दो बच्चियों और उन्हें बचाने नदी में कूदे पिता को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मध्य प्रदेश में भी बारिश का असर व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में तेज बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पन्ना जिले में शहपुरा नदी के तेज बहाव में एक डंपर बह गया, जबकि चालक ने तैरकर अपनी जान बचा ली।
बिहार में बक्सर से भागलपुर तक गंगा नदी उफान पर है। कई इलाकों में बाढ़ का पानी गांवों और सड़कों तक पहुंच गया है। भागलपुर के नवगछिया क्षेत्र में गंगा कटाव तेज होने से तटबंध टूटने की सूचना है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में पानी भर गया। वहीं बक्सर में डूबी सड़क को लोग जान जोखिम में डालकर पार करते नजर आए। उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। पौड़ी जिले में पहाड़ी दरकने से एक मोटरमार्ग का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई।
उत्तरकाशी में यमुना नदी में फंसे एक मजदूर को एसडीआरएफ टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हिमाचल प्रदेश में भी मानसून का प्रभाव जारी है। प्रदेश में बड़ी संख्या में सड़कें बंद हैं, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने 25 और 26 अगस्त के दौरान छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनती नदियों, नालों और पुलों को पार करने से बचें तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
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