केन-बेतवा परियोजना की मांग से समीक्षा बैठक तक, पूर्व सांसद कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल का जल संकट पर लगातार जोर
खजुराहो में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से हुई मुलाकात, परियोजना की प्रगति को लेकर हुआ मंथन
खजुराहो/महोबा। बुंदेलखंड में सिंचाई और पेयजल संकट के स्थायी समाधान को लेकर लंबे समय से आवाज उठाते रहे हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी क्षेत्र के पूर्व सांसद कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने शुक्रवार को खजुराहो एयरपोर्ट पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से भेंट की। इस दौरान बुंदेलखंड के विकास, जल संसाधनों के बेहतर उपयोग, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। पूर्व सांसद ने मुख्यमंत्री के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की समीक्षा बैठक में भी प्रतिभाग किया, जिसमें परियोजना की प्रगति और आगामी कार्यों को लेकर मंथन हुआ।
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को बुंदेलखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जल संकट और सिंचाई की समस्या से लंबे समय से जूझ रहे इस क्षेत्र में परियोजना के माध्यम से सिंचाई का दायरा बढ़ाने, किसानों को जल उपलब्ध कराने तथा पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद है। परियोजना के क्रियान्वयन से कृषि, रोजगार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।
संसद में उठाई थी नदी जोड़ो परियोजना की मांग
बुंदेलखंड में जल संकट को लेकर पूर्व सांसद कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल की सक्रियता लंबे समय से रही है। 21 जून 2019 को उन्होंने संसद में बुंदेलखंड के सिंचाई एवं पेयजल संकट का मुद्दा उठाते हुए नदी जोड़ो परियोजना की मांग रखी थी। तत्कालीन जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी उनकी मांग को जायज बताया था।
इससे पहले वर्ष 2017 में पूर्व सांसद ने तत्कालीन जलशक्ति मंत्री उमा भारती के साथ हेलीकॉप्टर से बुंदेलखंड क्षेत्र का सर्वेक्षण किया था। इस दौरान सूखाग्रस्त क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल के लिए पानी की समस्या को प्रमुखता से सामने लाया गया था। क्षेत्र में लगातार घटते जलस्तर और सूखे की स्थिति को देखते हुए नदी जोड़ो परियोजना को बुंदेलखंड के लिए आवश्यक बताया गया था।
2021 में महोबा पहुंचे थे प्रधानमंत्री मोदी
केन-बेतवा परियोजना को लेकर केंद्र सरकार की पहल के क्रम में 19 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महोबा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बुंदेलखंड में सिंचाई और पेयजल से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के समाधान का उल्लेख करते हुए इसे बुंदेलखंड के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताया था।
इसके बाद 22 मार्च 2021 को केंद्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच केन-बेतवा लिंक परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर समझौता हुआ था। वहीं 8 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के वित्तपोषण एवं क्रियान्वयन को औपचारिक मंजूरी दी थी।
खजुराहो से परियोजना को मिला नया आयाम
केन-बेतवा परियोजना के लिए एक और महत्वपूर्ण पड़ाव 25 दिसंबर 2024 को आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खजुराहो में केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का शिलान्यास किया। परियोजना के धरातल पर आगे बढ़ने के साथ बुंदेलखंड के लोगों की वर्षों पुरानी जल संकट से राहत की उम्मीद और मजबूत हुई है।
अब पूर्व सांसद कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ समीक्षा बैठक में सहभागिता को इसी क्रम की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में परियोजना की प्रगति, कार्यों की गति और बुंदेलखंड को मिलने वाले लाभों को लेकर चर्चा हुई। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि परियोजना के कार्य निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ेंगे और आने वाले समय में बुंदेलखंड के किसानों तथा आमजन को सिंचाई एवं पेयजल संकट से बड़ी राहत मिलेगी।
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