उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से अलग होने के बाद अपनी नई पारी की शुरुआत कर दी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में ही रहकर लोगों के मुद्दों को उठाने और जनता की आवाज बनने की बात कही है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि वह डरने वाली नहीं हैं और लोगों के सवालों के लिए आवाज उठाएंगी।
दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा 14 सितंबर को स्वीकार किया गया। इस्तीफे के बाद उनके अगले कदम को लेकर राजनीति, सामाजिक क्षेत्र, कोचिंग और अन्य विकल्पों को लेकर चर्चाएं चल रही थीं।
राजनीति में आने की चर्चा के बीच किया ऐलान
दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर को अपने अगले कदम के बारे में जानकारी देने की बात पहले ही सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कही थी। इससे उनके राजनीति में प्रवेश को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं। हालांकि, इससे पहले उन्होंने अपने अगले कदम को लेकर कोई स्पष्ट राजनीतिक घोषणा नहीं की थी।
अब सामने आई जानकारी के मुताबिक, उन्होंने उत्तर प्रदेश में रहकर जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करने का संकेत दिया है। उन्होंने किसी राजनीतिक दल के बजाय लोगों के साथ की जरूरत पर जोर दिया है।
13 साल की प्रशासनिक सेवा का अनुभव
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया समेत कई स्थानों पर प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं। वह देवरिया की जिलाधिकारी भी रह चुकी हैं। मई 2026 में उनका तबादला राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर हुआ था।
उनके इस्तीफे के बाद राजनीति में जाने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गईं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी कहा था कि यदि दिव्या मित्तल चुनाव लड़ना चाहती हैं तो पार्टी उनके नाम पर विचार कर सकती है। हालांकि, अलग-अलग राजनीतिक दावों और अटकलों को उनके आधिकारिक निर्णय से अलग रखना जरूरी है।
जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करने का संकेत
पूर्व IAS अधिकारी के तौर पर काम करने के बाद अब दिव्या मित्तल के सामने सार्वजनिक जीवन में नई भूमिका का विकल्प है। उन्होंने अपने संदेश में लोगों के सवाल उठाने और समाज के लिए काम करने की बात कही है। आने वाले समय में उनकी गतिविधियों से यह स्पष्ट होगा कि वह सार्वजनिक जीवन में किस रूप में सक्रिय रहती हैं
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