राजस्थान के अलवर जिले के भनोखर गांव की 18 वर्षीय छात्रा रेणु मीणा ने दिल्ली में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रेणु मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि उसके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉक्टर बनने का सपना रह गया अधूरा
जानकारी के अनुसार, रेणु मीणा अपने तीन बहनों और एक भाई के साथ दिल्ली में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी। उसके पिता हरिनारायण मीणा भी परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। बताया गया कि 14 जून की शाम रेणु रोज की तरह लाइब्रेरी से पढ़ाई करके घर लौटी थी। घर पहुंचने के बाद वह अपने कमरे में चली गई। कुछ समय बाद जब परिजनों ने उसे चाय पीने के लिए आवाज लगाई तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। कई बार आवाज देने के बाद भी प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर परिवार के लोगों को चिंता हुई। जब कमरे का दरवाजा खोला गया तो रेणु का शव रोशनदान से बने फंदे पर लटका मिला। यह दृश्य देखकर परिवार के सदस्य स्तब्ध रह गए और घर में चीख-पुकार मच गई।
पढ़ाई में अव्वल थी रेणु
परिजनों और परिचितों के अनुसार, रेणु पढ़ाई में बेहद होनहार छात्रा थी। उसने 10वीं और 12वीं कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे। उसका सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना था। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए वह लगातार मेहनत कर रही थी और प्रतिदिन कई घंटे लाइब्रेरी में पढ़ाई करती थी। परिवार का कहना है कि रेणु अपने भविष्य को लेकर गंभीर थी और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में पूरी तरह जुटी हुई थी। उसकी अचानक मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है।
जांच में जुटी पुलिस, गांव में शोक का माहौल
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल के दिनों में NEET परीक्षा और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर छात्रों में चिंता का माहौल देखा गया था। हालांकि रेणु ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। रेणु की मौत की खबर जैसे ही उसके पैतृक गांव भनोखर पहुंची, पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने इसे बेहद दुखद घटना बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। वहीं भरतपुर सांसद संजना जाटव ने भी छात्रा की मौत पर दुख जताया और मामले की गंभीरता से जांच कराने की बात कही। परिवार और गांव के लोग अब इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं कि आखिर इतनी होनहार छात्रा ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
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