फतेहपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में जहरीले कीड़े-मकोड़ों के काटने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। कई बार समय पर उपचार नहीं मिलने से पीड़ित की हालत गंभीर हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि कीड़े के काटने की घटना को हल्के में न लें और बिना देरी किए चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें।
हुसेनगंज थाना क्षेत्र के बलवीरपुर गांव में सोमवार दोपहर 55 वर्षीय राजेंद्र सिंह को जहरीले कीड़े ने काट लिया था। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार किया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत में सुधार बताया।
कीड़े के काटने पर क्या करें?
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी जहरीले कीड़े के काटने पर पीड़ित को जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना चाहिए। यदि काटने के बाद तेज दर्द, सूजन, उल्टी, चक्कर, सांस लेने में परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
घरेलू नुस्खों से बचें
कीड़े के काटने पर प्रभावित जगह पर मिट्टी, चूना, केमिकल या अन्य घरेलू पदार्थ लगाने से बचना चाहिए। घाव को काटने, चूसने या कसकर बांधने का प्रयास भी नहीं करना चाहिए। यदि संभव हो, तो कीड़े की पहचान सुरक्षित दूरी से करें, लेकिन उसे पकड़ने में जोखिम न उठाएं।
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता जरूरी
खेतों, बगीचों और घरों के आसपास काम करते समय जूते पहनना, अंधेरे स्थानों में हाथ डालने से पहले सावधानी बरतना और घर के आसपास साफ-सफाई रखना उपयोगी है। बच्चों और बुजुर्गों को भी जहरीले कीड़े-मकोड़ों से बचाव के उपायों की जानकारी देना जरूरी है।
अपील: किसी भी संदिग्ध जहरीले कीड़े के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें। पीड़ित को तुरंत चिकित्सकीय सहायता दिलाएं।
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