फतेहपुर। 25 वर्षीय महिला की उपचार के दौरान मौत के बाद विवादों में घिरे शोभावती हॉस्पिटल पर आखिरकार प्रशासन की कार्रवाई की गाज गिर गई। किशनपुर रोड स्थित रेलवे अंडरपास के समीप बेसमेंट में संचालित अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के बाद सीज कर दिया।
मंगलवार शाम उपचार के दौरान रेनू देवी की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ पर गलत इंजेक्शन लगाने और इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया था। हंगामे के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
बुधवार को मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अधीक्षक राजेश कुमार की मौजूदगी में अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल संचालन में निर्धारित मानकों की अनदेखी के साथ बेसमेंट में अस्पताल संचालित किए जाने समेत कई खामियां सामने आईं। इसके बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सीज कर दिया।
मृतका के पति महेश कुमार निवासी बरैची ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में अप्रशिक्षित स्टाफ ने उनकी पत्नी को गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों के हंगामे से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया अस्पताल निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित होता नहीं मिला। जांच में सामने आई कमियों की रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजी जा रही है।
उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर अस्पताल संचालक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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