यमुनानगर। हथिनीकुंड बैराज के पास यमुना नदी में सेना की एक बोट के डूबने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद दो जवान लापता बताए जा रहे हैं, जबकि तीन जवानों को सुरक्षित बचा लिया गया है। लापता जवानों की तलाश में यमुना नदी में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
रेस्क्यू टीमों ने नदी के करीब 15 किलोमीटर के दायरे में तलाश अभियान शुरू किया है। जवानों की तलाश के लिए सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। नदी में तेज बहाव और गहराई के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
हादसे की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों की निगरानी में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। लापता जवानों का पता लगाने के लिए नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि यमुना में तेज बहाव, गहराई, पानी का फैलाव और बदलती परिस्थितियां सर्च ऑपरेशन में बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। फिलहाल राहत एवं बचाव टीमें लापता जवानों को खोजने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में गोताखोरों के साथ-साथ नावों और अन्य बचाव उपकरणों की मदद ली जा रही है। नदी के किनारे सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है, ताकि सर्च ऑपरेशन के दौरान किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी न हो। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे बैराज और नदी के आसपास भीड़ न लगाएं और बचाव कार्य में बाधा न डालें।
अधिकारियों के अनुसार, लापता जवानों की तलाश के लिए नदी के संभावित बहाव क्षेत्र और आसपास के इलाकों की भी जांच की जा रही है। पानी के स्तर और बहाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर सर्च ऑपरेशन का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
हादसे के कारणों का अभी आधिकारिक रूप से पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर तेज बहाव और नदी की कठिन परिस्थितियों को हादसे की वजह माना जा रहा है। सेना और प्रशासन की ओर से घटना की जांच भी की जा सकती है, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
फिलहाल सभी की नजरें राहत एवं बचाव अभियान पर टिकी हैं। सेना और स्थानीय प्रशासन लापता जवानों को जल्द से जल्द खोजने के लिए संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं।
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