लखनऊ। राजधानी लखनऊ में लगातार हो रही बारिश ने शहर की सड़कों और जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। बुधवार को आईटी चौराहे से पहले मुख्य मार्ग पर अचानक सड़क धंसने से करीब 10 फीट से अधिक गहरा गड्ढा बन गया। इसी दौरान एक बाइक सवार गड्ढे में जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने घायल को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
बारिश के कारण राजधानी के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। रहीमाबाद, सरोजनीनगर, गोमतीनगर, हजरतगंज, हुसैनगंज, सदर, माल एवेन्यू, जानकीपुरम और बालागंज समेत कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया है। कई जगह लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अगस्त में आठ साल का बारिश का रिकॉर्ड टूटा
लखनऊ में अगस्त 2026 के दौरान करीब 330 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह पिछले आठ वर्षों में अगस्त महीने में हुई सबसे अधिक बारिश बताई जा रही है। वहीं, 1 जून से 1 सितंबर तक राजधानी में कुल 525.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का औसत 523.9 मिलीमीटर है। इस तरह मानसून का सामान्य कोटा लगभग पूरा हो गया है।
मंगलवार को भी शहर में जमकर बारिश हुई। चिनहट में 59 मिमी, राजभवन में 45.5 मिमी, अंबेडकर पार्क में 54 मिमी, बख्शी का तालाब में 36.5 मिमी, जनेश्वर मिश्र पार्क में 26.5 मिमी और काकोरी में 26 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। शहर में औसतन करीब 36.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
कई इलाकों में सड़कें धंसीं, जलभराव से परेशानी
बारिश के बीच चिनहट में एक सीवर ब्लॉक के आसपास सड़क करीब 8 फीट तक धंस गई। वहीं, जानकीपुरम के सेक्टर-डी में सुबह से पानी भरा रहा। लेखराज मार्केट की सड़क पर घुटनों से ऊपर तक पानी पहुंच गया। बालागंज के हरि नगर में भी जलभराव के कारण लोगों और स्कूली बच्चों को परेशानी हुई।
मलिहाबाद के मवई कला गांव में मुख्य मार्ग पर करीब 100 मीटर तक दो फीट पानी भर गया। ग्रामीणों का कहना है कि नालियों की पर्याप्त सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया।
फैजुल्लागंज में बाढ़ जैसे हालात
फैजुल्लागंज-दाउदनगर क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जलनिकासी के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। दाउदनगर के मामा चौराहे के आसपास कई जगह पानी भरने से लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई।
इंदिरानगर के अबरार नगर में कुकरैल नदी के किनारे बनी झोपड़पट्टियों में भी बारिश का पानी घुस गया। इससे यहां रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जर्जर मकान की दीवार गिरी, खुले नाले में कार फंसी
गोलागंज में लगातार बारिश के बीच एक पुराने जर्जर मकान की दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार के साथ बाउंड्री वॉल भी ढह गई। राहत की बात रही कि हादसे के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था।
राजाजीपुरम में खुले नाले की वजह से एक कार हादसे का शिकार हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, नाले के आसपास न बैरिकेडिंग थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। चालक बाल-बाल बच गया।
वजीरगंज में जुबली कॉलेज के पास भी बारिश के दौरान एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने से रास्ता बाधित हुआ और यातायात प्रभावित रहा।
6 सितंबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ में बारिश का दौर अभी जारी रह सकता है। बुधवार को अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। राजधानी में 6 सितंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगस्त में बंगाल की खाड़ी में कई कम दबाव के क्षेत्र बने थे। इनमें से कुछ सिस्टम मजबूत होकर डिप्रेशन में बदले, जिसके चलते उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अच्छी बारिश हुई।
सितंबर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम, जबकि दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। मध्य और दक्षिणी यूपी में बारिश सामान्य रहने के आसार हैं।
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