बुलंदशहर। शिकारपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व राज्यमंत्री रहे अनिल शर्मा का बुधवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे और दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही बुलंदशहर और शिकारपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
अनिल शर्मा लंबे समय से राजनीति में सक्रिय थे और शिकारपुर क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती थी। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत स्थानीय स्तर से की थी। ग्राम सुरजावली के निवासी अनिल शर्मा कम उम्र में ही निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए थे।
2002 में पहली बार बने विधायक
अनिल शर्मा वर्ष 2002 में पहली बार खुर्जा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। इसके बाद वर्ष 2007 में उन्होंने इसी सीट से बसपा के टिकट पर दूसरी बार विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की।
वर्ष 2012 में उन्होंने शिकारपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।
2017 में भाजपा के टिकट पर मिली जीत
भाजपा में शामिल होने के बाद अनिल शर्मा ने वर्ष 2017 में शिकारपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें योगी आदित्यनाथ सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने उन पर भरोसा जताया। अनिल शर्मा ने शिकारपुर सीट से चुनाव जीतकर लगातार दूसरी बार भाजपा विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
लंबे समय से चल रहा था इलाज
बताया गया कि अनिल शर्मा लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते उनका दिल्ली के अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
उनके निधन की सूचना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्रीय लोगों में शोक की लहर है। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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