Breaking News

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी, पूर्व IPS राजेश पांडेय को मिल सकती है CEO की जिम्मेदारी

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में जुट गया है। ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक को इसी लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। बैठक में मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था संभालने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए ट्रस्ट में इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, नियुक्ति को लेकर अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में ही होने की उम्मीद है।

चढ़ावे की निगरानी पर भी हो सकती है चर्चा

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही दान और चढ़ावे की व्यवस्था को लेकर भी ट्रस्ट के सामने पारदर्शिता बनाए रखने की चुनौती है। हाल में सामने आए चढ़ावा चोरी के मामले के बाद मंदिर परिसर में दानपात्रों, चढ़ावे और उससे जुड़े रिकॉर्ड की निगरानी को लेकर सवाल उठे हैं।

बैठक में चढ़ावे की गिनती, उसके सुरक्षित रखरखाव और रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित करने पर चर्चा हो सकती है। साथ ही ऐसी व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया जा सकता है, जिससे दान और चढ़ावे से जुड़े प्रत्येक स्तर पर निगरानी बनी रहे।

प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की संभावना

राम मंदिर का निर्माण और श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ देखते हुए मंदिर की व्यवस्थाओं को लंबे समय के लिए मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी को देखते हुए ट्रस्ट प्रशासनिक ढांचे में बदलाव और जिम्मेदारियों के स्पष्ट बंटवारे पर भी विचार कर सकता है।

CEO की नियुक्ति होने की स्थिति में मंदिर की रोजमर्रा की प्रशासनिक गतिविधियों, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य संचालन संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका तय हो सकती है।

सुरक्षा और श्रद्धालु सुविधाएं भी एजेंडे में

बैठक में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी चर्चा होने की संभावना है। अयोध्या में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रवेश, निकास, कतार व्यवस्था, पार्किंग और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत पर भी मंथन हो सकता है।

इसके अलावा मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी चर्चा संभव है।

तीसरी बैठक पर टिकी नजरें

चढ़ावा चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट की यह तीसरी बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि बैठक में सामने आए विवादों और व्यवस्थागत कमियों की समीक्षा के साथ आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

हालांकि, राजेश पांडेय को CEO बनाए जाने समेत अन्य प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा। बैठक में लिए जाने वाले फैसलों से राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में संभावित बदलाव की तस्वीर साफ हो सकती है।

About NW-Editor

Check Also

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सभी आठ आरोपितों की न्यायिक अभिरक्षा 14 दिन बढ़ी

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दान पात्र से चढ़ावा और अन्य बहुमूल्य आभूषणों की कथित …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *