नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल और टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर सामने रखी। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन अब केवल बातचीत या चैटिंग का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि बैंकिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का बड़ा जरिया बन चुका है।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले बैंक, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों तक पहुंचने के लिए लोगों को शहरों का रुख करना पड़ता था। मोबाइल और इंटरनेट ने इस स्थिति को काफी हद तक बदल दिया है। अब कई सरकारी और जरूरी सेवाएं लोगों के फोन पर उपलब्ध हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है।
DBT से सीधे खातों में पहुंचा पैसा
प्रधानमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का उदाहरण देते हुए कहा कि अब तक करीब 50 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं। उनके मुताबिक डिजिटल ट्रांसफर व्यवस्था से बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर रोक लगी है और करीब 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए गए।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों की अवैध कमाई इस व्यवस्था के कारण बंद हुई, वे सरकार से नाराज हो सकते हैं, लेकिन जनता का पैसा सीधे जनता तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
मोबाइल बना गुड गवर्नेंस का अहम साधन
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में टेलीकॉम का मतलब केवल नेटवर्क, स्पेक्ट्रम या इंटरनेट की स्पीड नहीं है। मोबाइल तकनीक अब गुड गवर्नेंस का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि भाषा और भौगोलिक दूरी जैसी बाधाओं को मोबाइल तकनीक ने काफी कम किया है। ऑनलाइन सेवाओं के कारण लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े रहने की जरूरत कम हुई है।
भारत में 5.5 लाख से ज्यादा 5G बेस स्टेशन
प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 में इसी मंच से भारत में 5G सेवा की शुरुआत की गई थी। अब देशभर में 5.5 लाख से ज्यादा 5G बेस स्टेशन काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ने तकनीक को तेजी से अपनाया है और अब देश केवल तकनीक का इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि डिजाइन और तकनीक के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाना चाहता है।
AI और 6G पर रहेगा फोकस
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 6G, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और प्री-6G नेटवर्क जैसी तकनीकों पर खास जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम में नई पीढ़ी के नेटवर्क और डिजिटल तकनीक को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा हो रही है।
प्रधानमंत्री ने साइबर फ्रॉड को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, इसलिए इससे निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर साझा फ्रेमवर्क तैयार करने की जरूरत है।
भारत का मोबाइल और डिजिटल सेक्टर तेजी से बढ़ा
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुताबिक, पिछले एक दशक में भारत में ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या करीब 6 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ हो गई है। उन्होंने कहा कि सस्ता डेटा और बढ़ती कनेक्टिविटी ने देश में डिजिटल सेवाओं के विस्तार को गति दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब केवल कंज्यूमर नहीं रहना चाहता, बल्कि क्रिएटर और टेक्नोलॉजी डेवलपर के रूप में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। आने वाले समय में भारत में डिजाइन, तकनीक और डिजिटल इनोवेशन को और बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।
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