नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की ओर से SIR के विरोध में आयोजित रैली के बीच भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को देशभर में विरोध मार्च निकाला। भाजपा ने इस अभियान को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम दिया है। पार्टी नेताओं ने कांग्रेस पर 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी के दिन राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर सवाल उठाए।
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नेतृत्व में हरि नगर से तिलक नगर तक करीब एक किलोमीटर लंबा मार्च निकालने की तैयारी की गई। इसमें सिख समुदाय के लोगों, 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों और भाजपा कार्यकर्ताओं सहित करीब पांच हजार लोगों के शामिल होने की बात कही गई। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने SIR के खिलाफ रैली के लिए जानबूझकर 1 नवंबर की तारीख चुनी।
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर लगाए आरोप
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि 1 नवंबर का दिन 1984 की सिख विरोधी हिंसा के पीड़ितों को याद करने का है। उनके मुताबिक, ऐसे समय में राहुल गांधी रामलीला मैदान में राजनीतिक कार्यक्रम कर रहे हैं। नड्डा ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने आज तक सिख पीड़ित परिवारों से दिल से माफी नहीं मांगी।
उन्होंने कहा कि 1984 की हिंसा में हजारों परिवार प्रभावित हुए और बड़ी संख्या में महिलाओं को अपने पति खोने पड़े। भाजपा नेताओं ने इस दिन को पीड़ितों की याद और उन्हें न्याय दिलाने की मांग से जोड़ते हुए कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए।
व्यापारियों के नुकसान का मुद्दा भी उठाया
जेपी नड्डा ने दिल्ली में विपक्षी रैली के कारण व्यापार प्रभावित होने की आशंका को लेकर भी राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय व्यापारी पूरे साल की कमाई की उम्मीद करते हैं, लेकिन बड़े आयोजनों के कारण बाजार और परिवहन प्रभावित हो सकते हैं।
नड्डा ने कारोबारी संगठन CTI की ओर से राहुल गांधी को लिखे गए पत्रों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि रैली के चलते करीब 10 हजार करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने विपक्षी दलों से भी सवाल किया कि क्या वे इस संभावित नुकसान के लिए अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे।
शिमला और रोहतक में भी भाजपा का मार्च
भाजपा का विरोध प्रदर्शन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में मार्च निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। मार्च का समापन चौड़ा मैदान में रैली के रूप में होना था।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन हरियाणा के रोहतक में विरोध मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। पार्टी ने राज्य इकाइयों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
क्या है भाजपा के अभियान का उद्देश्य?
भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में शुरू किया है। पार्टी का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना है।
इस अभियान के जरिए भाजपा विपक्ष के वोट चोरी संबंधी आरोपों का जवाब देने, चुनाव आयोग का पक्ष जनता तक पहुंचाने और संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जा रहे आरोपों का विरोध करने की कोशिश कर रही है।
अभियान की शुरुआत 22 अक्टूबर 2026 से की गई थी। इसका पहला चरण 5 नवंबर तक चलने की जानकारी दी गई है। भाजपा ने शुरुआत में ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ नारा दिया था, जिसे बाद में बदलकर ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कर दिया गया।
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