Breaking News

आजम खान को बड़ा झटका, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए, अब डासना जेल में रहेंगे; रामपुर जेल से रिहाई के कुछ ही देर बाद ईडी ने किया था गिरफ्तार

गाजियाबाद/रामपुर। न्यूज़ वाणी। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रामपुर जेल से रिहाई के कुछ ही देर बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए गए आजम खान को रविवार को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत के आदेश के बाद उन्हें रामपुर के बजाय गाजियाबाद की डासना जिला जेल में रखा जाएगा। यह कार्रवाई रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है।

जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 10:30 बजे ईडी की टीम आजम खान को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गाजियाबाद की विशेष अदालत लेकर पहुंची। उन्हें सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक अदालत के विशेष न्यायाधीश अवनीश कुमार पांडेय के समक्ष पेश किया गया। इस दौरान ईडी की पांच गाड़ियों के काफिले के साथ सीआरपीएफ और उत्तर प्रदेश पुलिस के 100 से अधिक जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। करीब डेढ़ घंटे तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

रिहाई के कुछ ही देर बाद ईडी ने किया गिरफ्तार

आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से 29 अक्टूबर को राहत मिली थी। अदालत ने उनकी सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर की थी, हालांकि दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई गई। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शनिवार शाम दोनों रामपुर जिला जेल से बाहर आए। जेल के बाहर बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे। समर्थकों की खुशी उस समय मायूसी में बदल गई, जब ईडी की टीम ने आजम खान को जेल से बाहर निकलते ही हिरासत में ले लिया। हालांकि, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम रिहाई के बाद घर चले गए।

दिल्ली में पूछताछ, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में जांच

गिरफ्तारी के बाद ईडी की टीम आजम खान को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय लेकर पहुंची, जहां उनसे जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण और वित्तीय लेन-देन से जुड़े मामलों में पूछताछ की गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आजम खान ने सीने और पेट में दर्द की शिकायत की। इसके बाद उन्हें दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें वापस ईडी मुख्यालय लाया गया। जांच एजेंसी ने कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उनसे 50 से अधिक सवाल पूछे।

जौहर यूनिवर्सिटी की 426.46 करोड़ की संपत्ति कुर्क

ईडी की जांच रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और उससे संबंधित ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी है। जांच एजेंसी के अनुसार, विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, जमीनों के अधिग्रहण और वित्तीय लेन-देन को लेकर जांच की जा रही है। ईडी ने विश्वविद्यालय की जमीन और भवनों से संबंधित 426.46 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई की है। एजेंसी के अनुसार, इन संपत्तियों का वर्तमान अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये है। हालांकि, जांच एजेंसी के आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है।

अदालत परिसर में बोले आजम—अब कहने को बचा ही क्या है

रविवार को गाजियाबाद अदालत परिसर पहुंचने पर आजम खान शांत दिखाई दिए। पत्रकारों ने जब उनसे प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उन्होंने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि अब कहने को बचा ही क्या है। इससे पहले शनिवार को गिरफ्तारी के दौरान भी आजम खान ने अपने खिलाफ हो रही कार्रवाई पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें मुस्लिम होने और विश्वविद्यालय स्थापित करने की सजा दी जा रही है।

सपा ने उठाए सवाल, भाजपा नेताओं ने किया कार्रवाई का बचाव

आजम खान की गिरफ्तारी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया। वहीं सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने भी सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। दूसरी ओर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा सहित भाजपा नेताओं ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।

जेल से रिहाई के बाद फिर सलाखों के पीछे

गौरतलब है कि आजम खान 17 नवंबर 2025 से रामपुर जेल में बंद थे। करीब 11 महीने बाद उन्हें हाईकोर्ट से राहत मिली थी। शनिवार को जेल से बाहर निकलने के बाद समर्थकों को उनके राजनीतिक जीवन में नई सक्रियता की उम्मीद थी, लेकिन ईडी की कार्रवाई के चलते उनकी रिहाई कुछ ही देर तक कायम रह सकी। रविवार को विशेष अदालत के आदेश के बाद आजम खान को एक बार फिर जेल भेज दिया गया। इस घटनाक्रम ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

About NW-Editor

Check Also

‘रिया गुप्ता’ बनकर रचाई शादी, 3 दिन बाद खुला यास्मीन का राज; दूल्हा रह गया हैरान

रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद से शादी के नाम पर धोखाधड़ी और जालसाजी का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *