लखनऊ। राजधानी लखनऊ के राजाजीपुरम इलाके में कथित धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया है। रत्नम आई हॉस्पिटल के पास स्थित एक मकान में ईसाई धर्म की चंगाई सभा आयोजित किए जाने की सूचना पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सभा के दौरान करीब 100 लोगों का सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन कराने की तैयारी की जा रही थी। मामले को लेकर मौके पर हंगामा हुआ और विरोध करने पहुंचे कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।
पहचान छिपाकर सभा में पहुंचे कार्यकर्ता
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि राजाजीपुरम स्थित एक मकान में चंगाई सभा के नाम पर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके बाद संगठन के कुछ कार्यकर्ता अपनी पहचान छिपाकर वहां पहुंचे। दरवाजे पर पूछताछ होने पर उन्होंने खुद को ईसाई धर्म अपनाने के इच्छुक व्यक्ति के रूप में बताया, जिसके बाद उन्हें अंदर प्रवेश मिल गया।
करीब 100 लोगों के धर्मांतरण की तैयारी का आरोप
कार्यकर्ताओं का दावा है कि सभा में मौजूद लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उनका आरोप है कि धार्मिक प्रवचन के दौरान अन्य धार्मिक मान्यताओं पर सवाल उठाते हुए ईशू को सर्वोपरि बताया जा रहा था। कार्यकर्ताओं ने सभा में करीब 100 लोगों के मौजूद होने और उनके सामूहिक धर्मांतरण की तैयारी किए जाने का आरोप लगाया।
विरोध के दौरान हुई धक्का-मुक्की
सभा का विरोध करने पर कार्यकर्ताओं को वहां से बाहर निकालने का आरोप लगाया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट किए जाने की कोशिश का भी आरोप लगाया।
पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। धर्मांतरण के आरोपों की सत्यता और घटना के दौरान हुई कथित मारपीट को लेकर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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