नई दिल्ली। देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इसी मुद्दे पर रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की विशाल रैली आयोजित की जा रही है। रैली में शामिल होने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विपक्षी दलों के कई प्रमुख नेता मिंटो जंक्शन पहुंचे। यहां से सभी नेता मार्च करते हुए रामलीला मैदान की ओर रवाना हुए।
इस प्रदर्शन के जरिए विपक्षी दलों ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। विपक्ष की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा भी शामिल है। नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है, जिससे लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
19 विपक्षी दलों के नेता रैली में शामिल
इस प्रदर्शन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे, फारूक अब्दुल्ला, अभिषेक बनर्जी, तेजस्वी यादव और सुप्रिया सुले समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए हैं। अलग-अलग राज्यों से कांग्रेस और सहयोगी दलों के कार्यकर्ता भी दिल्ली पहुंचे हैं। मिंटो रोड और आसपास के इलाकों में सुबह से ही समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
विपक्षी दलों ने रैली में 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया है, जबकि दिल्ली पुलिस का अनुमान करीब 50 हजार लोगों के जुटने का है। मैदान में बैठने और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं के बाद लगभग 30 से 40 हजार लोगों की क्षमता रहने की बात सामने आई है।
राहुल गांधी ने दिया वोट बचाने का संदेश
रैली से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर लोगों से लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने इस आंदोलन को किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।
रैली में कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों के नाम पर वास्तविक मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 4 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
दिल्ली पुलिस ने रैली को देखते हुए रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। मैदान और आसपास के इलाकों में 4 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। निगरानी के लिए करीब 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की गई है।
पुलिस के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक अनुमति दी गई है। निर्धारित समय के बाद मैदान खाली करना होगा। रैली के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
व्यापारियों ने जताई कारोबार प्रभावित होने की आशंका
विपक्ष की रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने भी चिंता जताई है। व्यापारियों का कहना है कि भीड़, बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंधों के कारण आसपास के बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। संगठन ने अनुमान जताया है कि रैली के चलते हजारों करोड़ रुपये के व्यापार पर असर पड़ सकता है।
वहीं राहुल गांधी ने व्यापारियों से अपील की थी कि रैली में शामिल होने के साथ दिल्ली के स्थानीय बाजारों से खरीदारी भी करें, ताकि व्यापारियों को नुकसान न हो।
SIR का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष पहले भी कई बार विरोध प्रदर्शन कर चुका है। इस मुद्दे पर विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। मामले में चुनाव आयोग से जवाब मांगा जा चुका है और अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को निर्धारित है।
फिलहाल रामलीला मैदान में आयोजित इस रैली के जरिए विपक्ष ने SIR प्रक्रिया, मतदाताओं के अधिकार और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपनी राजनीतिक लड़ाई तेज कर दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।
News Wani
