रामपुर, 31 अक्टूबर 2026। न्यूज़ वाणी। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम की रामपुर जिला जेल से रिहाई का रास्ता लगभग साफ होता नजर आ रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट से दो पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद शनिवार को दोनों की रिहाई से संबंधित कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आजम खान के 52 मुकदमों से संबंधित रिहाई आदेश जेल पहुंचने की खबर है। वहीं, अब्दुल्ला आजम की रिहाई की औपचारिकताएं भी पूरी की जा रही हैं। यदि कोई नई कानूनी अड़चन सामने नहीं आती है तो पिता-पुत्र शनिवार शाम तक जेल से बाहर आ सकते हैं।
हाईकोर्ट ने निलंबित की सजा, जमानत भी मंजूर
आजम खान और अब्दुल्ला आजम को 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली थी। अदालत ने दो पैन कार्ड मामले में दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर कर ली थी। हालांकि, अदालत ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इस मामले में निचली अदालत ने दोनों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में अपीलीय अदालत ने आजम खान की सजा बढ़ाकर दस वर्ष कर दी थी, जबकि अब्दुल्ला आजम की सात वर्ष की सजा बरकरार रही थी।
जमानत की शर्तें पूरी करने के लिए जमा कराई धनराशि
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में शुक्रवार को आजम खान की ओर से 3.50 लाख रुपये तथा अब्दुल्ला आजम की ओर से 2.75 लाख रुपये जमा कराए जाने की जानकारी सामने आई। इसमें जुर्माने की आधी धनराशि और जमानतियों से संबंधित रकम शामिल बताई गई। इसके बाद अदालत ने दो पैन कार्ड मामले में रिहाई परवाने जारी कर दिए। अन्य विचाराधीन मुकदमों में भी जमानतियों के सत्यापन और रिहाई आदेशों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
52 मुकदमों के आदेश पहुंचे, दो मामलों में फंस सकता है पेंच
आजम खान की रिहाई को लेकर शनिवार को सबसे बड़ी चर्चा उनके खिलाफ दर्ज अन्य मुकदमों की रही। शुक्रवार तक एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट से पांच मामलों में रिहाई परवाने जारी हुए थे, जबकि मजिस्ट्रेट कोर्ट से संबंधित 52 मामलों में प्रक्रिया लंबित थी। शनिवार दोपहर की रिपोर्टों के अनुसार, इन 52 मामलों के आदेश भी जेल पहुंच गए हैं।
हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामले और उत्तर प्रदेश विजिलेंस से संबंधित एक अन्य प्रकरण में कानूनी अड़चन की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यदि इन मामलों में पुलिस वारंट ‘बी’ तामील कराती है अथवा किसी अन्य मामले में निरुद्ध रखने का आदेश आता है तो आजम खान की रिहाई प्रभावित हो सकती है। फिलहाल इन दोनों मामलों में वारंट तामील होने की पुष्टि नहीं हुई है।
जौहर ट्रस्ट और जमीन से जुड़े मामलों की भी चर्चा
आजम खान के खिलाफ लंबित मामलों में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय और जौहर ट्रस्ट से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला भी शामिल है। प्रवर्तन निदेशालय ने ट्रस्ट को प्राप्त धनराशि के स्रोत और उसके इस्तेमाल को लेकर जांच शुरू की थी। वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति की जमीन की बिक्री में कथित अनियमितताओं से संबंधित मामला भी चर्चा में है। इन प्रकरणों में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई का असर आजम खान की रिहाई पर पड़ सकता है।
आजम खान के घर और जेल के बाहर समर्थकों की हलचल तेज
आजम खान और अब्दुल्ला आजम की संभावित रिहाई की खबर मिलते ही रामपुर में उनके समर्थकों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। समर्थक जेल के बाहर आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि आजम खान के आवास पर भी लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है। समर्थकों में उत्साह का माहौल है और वे इसे अपने नेता के लिए बड़ी कानूनी राहत मान रहे हैं।
आजम खान के करीबी यूसुफ मलिक ने रिहाई आदेश जेल पहुंचने की जानकारी दी है। वहीं, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मंजूर चौधरी ने कहा कि आज उनके लिए ईद जैसा दिन है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आजम खान जल्द ही जेल से बाहर आएंगे। समर्थकों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद उनके नेता की रिहाई की संभावना ने नई उम्मीद जगाई है।
आजम खान पर दर्ज मुकदमों का लंबा सिलसिला
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आजम खान के खिलाफ कुल 105 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें रामपुर से संबंधित 94 मामले बताए गए हैं। कई मामलों में अदालतों से फैसले आ चुके हैं, जबकि अन्य में न्यायिक प्रक्रिया जारी है। इसी कारण हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद जेल से रिहाई के लिए अलग-अलग मुकदमों में आवश्यक आदेश प्राप्त करना जरूरी हो गया था।
अब जेल प्रशासन की अंतिम प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
शनिवार को अदालतों से रिहाई आदेश जारी होने और जेल पहुंचने की खबरों के बाद आजम खान तथा अब्दुल्ला आजम के बाहर आने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, जेल प्रशासन को सभी आदेशों की जांच करने के साथ यह सुनिश्चित करना होगा कि दोनों किसी अन्य मुकदमे में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध तो नहीं हैं। ऐसे में अब सभी की निगाहें रामपुर जिला जेल प्रशासन की अंतिम कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाती हैं और कोई नया वारंट सामने नहीं आता है तो शनिवार शाम तक पिता-पुत्र की रिहाई संभव है।
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