मुंबई। बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म निर्देशक और लेखक संजय गुप्ता का 57 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने 23 अक्टूबर को ही अपना जन्मदिन मनाया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 30 अक्टूबर को मुंबई स्थित अपने घर के किचन में गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट लग गई थी। इसी चोट के कारण उनका निधन हुआ। उनके असामयिक निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके निधन की जानकारी साझा करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। वहीं, उनके करीबी दोस्त हनीफ चूनावाला ने भी उनके निधन की पुष्टि की है। घटना के बाद मुंबई पुलिस की टीम उनके वर्सोवा स्थित आवास पर पहुंची, जहां मामले की जांच और फॉरेंसिक प्रक्रिया जारी रही।
संजय दत्त ने दोस्त को याद कर जताया दुख
संजय गुप्ता के निधन की खबर सुनकर अभिनेता संजय दत्त भावुक हो गए। उन्होंने फिल्म ‘कांटे’ के सेट की पुरानी तस्वीर साझा करते हुए अपने दोस्त को श्रद्धांजलि दी। संजय दत्त ने लिखा कि उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि उनका करीबी दोस्त उन्हें छोड़कर चला गया। दोनों ने साथ में कई यादगार पल बिताए थे और उनकी दोस्ती वर्षों पुरानी थी।
संजय दत्त ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले ही दोनों की ‘कांटे-2’ को लेकर बातचीत हुई थी। उन्होंने अपने दोस्त के अधूरे सपने को पूरा करने का संकल्प लेते हुए कहा कि वह उनकी याद में ‘कांटे-2’ बनाने की हर संभव कोशिश करेंगे।
अंडरवर्ल्ड की धमकियों के बीच संजय दत्त ने की थी मदद
संजय गुप्ता ने अपने करियर के शुरुआती दौर में अंडरवर्ल्ड की धमकियों का भी सामना किया था। कुछ सप्ताह पहले दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वर्ष 1992-93 के दौरान जब वह अपनी पहली फिल्म ‘आतिश’ बना रहे थे, तब उन्हें धमकी भरे फोन आए थे।
उन्होंने बताया था कि एक दिन उनके पास फोन आया, जिसमें दूसरी तरफ मौजूद व्यक्ति ने अपना नाम नाना बताया। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि फोन छोटा राजन की ओर से किया गया था। धमकी मिलने के बाद उन्होंने संजय दत्त से मदद मांगी। इसके बाद संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त की सरकारी गाड़ी उनके घर भेजी, जिसके जरिए संजय गुप्ता सुरक्षित वहां से निकल पाए थे।
संजय दत्त के साथ बनाई कई यादगार फिल्में
संजय गुप्ता और संजय दत्त की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को कई चर्चित फिल्में दीं। दोनों ने वर्ष 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ में पहली बार साथ काम किया था। इसके बाद ‘खौफ’, ‘जंग’, ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’ और ‘जिंदा’ जैसी फिल्मों में उनकी जोड़ी देखने को मिली।
संजय गुप्ता ने निर्देशन के साथ-साथ लेखन और निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘मुंबई सागा’ और ऋतिक रोशन स्टारर ‘काबिल’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई।
कार दुर्घटना के बाद पांच सप्ताह तक अस्पताल में रहे थे भर्ती
संजय गुप्ता की जिंदगी में एक बड़ा हादसा वर्ष 2002 में भी हुआ था। उनकी चर्चित फिल्म ‘कांटे’ 20 दिसंबर 2002 को रिलीज हुई थी। इसके कुछ ही दिनों बाद 27 दिसंबर को खंडाला से लौटते समय उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। डॉक्टरों ने शुरुआती 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण बताए थे। इसके बाद उन्हें करीब पांच सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था।
दोस्ती में आई थी दरार, चार साल तक नहीं हुई थी बातचीत
संजय गुप्ता और संजय दत्त ने मिलकर व्हाइट फेदर फिल्म्स नाम की प्रोडक्शन कंपनी भी शुरू की थी। हालांकि, वर्ष 2007 में फिल्म ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ के दौरान तकनीशियनों के भुगतान को लेकर दोनों के बीच मतभेद हो गए थे। इसके बाद दोनों की निजी और पेशेवर साझेदारी समाप्त हो गई।
संजय गुप्ता ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके और संजय दत्त के बीच कोई बड़ी व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी, बल्कि आसपास के लोगों की वजह से गलतफहमियां पैदा हुई थीं। इस विवाद के बाद उन्हें करीब तीन साल तक काम नहीं मिला और उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर खंडाला में होटल का काम करने तक के बारे में सोचा था।
करीब चार साल तक दोनों ने एक-दूसरे से बातचीत नहीं की। आखिरकार 11 अक्टूबर 2012 को अमिताभ बच्चन की 70वीं जन्मदिन पार्टी में दोनों की मुलाकात हुई। संजय दत्त ने उन्हें आवाज दी और दोनों गले मिलकर भावुक हो गए। इसके बाद उनकी दोस्ती फिर से बहाल हो गई।
हंसल मेहता और मीका सिंह ने भी दी श्रद्धांजलि
संजय गुप्ता के निधन पर फिल्म निर्देशक हंसल मेहता, अशोक पंडित और अनिल शर्मा समेत कई फिल्मी हस्तियों ने शोक जताया। हंसल मेहता ने उन्हें अपना करीबी दोस्त और मार्गदर्शक बताते हुए भावुक संदेश साझा किया।
गायक मीका सिंह ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि संजय गुप्ता उनके लिए गॉडफादर की तरह थे। उन्होंने ही उन्हें बॉलीवुड में पहला मौका दिया था। मीका ने उनके प्यार, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार जताया।
संजय गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आखिरी पोस्ट में गायक दलेर मेहंदी का समर्थन किया था। 21 अक्टूबर को की गई इस पोस्ट में उन्होंने मंच पर दलेर मेहंदी के अपमान पर नाराजगी जताते हुए उनसे माफी मांगने की बात कही थी।
क्राइम और एक्शन फिल्मों से बनाई अलग पहचान
संजय गुप्ता बॉलीवुड के उन निर्देशकों में शामिल रहे, जिन्होंने गैंगस्टर ड्रामा, अंडरवर्ल्ड और एक्शन फिल्मों को अपनी खास शैली में पर्दे पर उतारा। ‘कांटे’, ‘आतिश’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘जिंदा’, ‘मुंबई सागा’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों ने उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई।
उनके निधन से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक प्रतिभाशाली निर्देशक और कहानीकार को खो दिया है। उनके प्रशंसक और फिल्मी दुनिया के साथी उन्हें उनकी फिल्मों और यादगार काम के लिए हमेशा याद रखेंगे।
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