मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। दोनों को जेल से भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट लाया गया। पहले साहिल को लेकर पुलिस कोर्ट पहुंची। वह सफेद टोपी और राउंड नेक की टी-शर्ट पहने था। पुलिस की गाड़ी से उतरने के बाद उसने सिर नीचे झुका लिया, सिपाहियों के इशारे पर चलता रहा। कुछ वकीलों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीछे धकेल दिया।
इसके बाद साहिल को लेकर पुलिसकर्मी कोर्ट पहुंचे। कुछ देर बाद पुलिस मुस्कान को लेकर पहुंची। वह पीले रंग का प्रिंटेड सूट और काला दुपट्टा पहने थी। चेहरे पर काला मास्क लगा रखा था। गोद में 6 महीने की बच्ची लिए थी। नजर झुकाए मुस्कान कोर्ट में प्रवेश कर गई। बच्ची को भी दुपट्टे से लपेट रखा था। चारों तरफ पुलिस का घेरा था, जिसने किसी को भी मुस्कान की तरफ आने नहीं दिया। 18 मार्च को मुस्कान को पति सौरभ की हत्या में गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था, तब से अब यानी करीब 13 महीने बाद वह पहली बार नजर आई है। साहिल से ठीक पहले सौरभ की मां और भाई भी कोर्ट पहुंचे थे। उन्हें पुलिसकर्मियों ने पहले ही रोक दिया।
नीला ड्रम कांड के नाम से चर्चित इस मामले में अब धारा- 313 की कार्रवाई शुरू हो गई है। यानी जज अब सीधे आरोपियों से सवाल-जवाब कर रहे हैं। सुनवाई की पहली तारीख 15 अप्रैल तय थी, लेकिन विशेष कारणों से उस दिन सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद 18 अप्रैल की तारीख लगी, लेकिन उस दिन भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। अब इस मामले में 21 अप्रैल यानी आज सुनवाई हो रही है।
पहले देखिए मुस्कान के कोर्ट आने की तस्वीरें



पहले साहिल और फिर मुस्कान से सवाल-जवाब हुए: कोर्ट में पहले पहले साहिल का बयान हुआ। साहिल से 20 मिनट तक सवाल-जवाब हुए। इस दौरान मुस्कान बच्ची को लेकर पीछे बैठी रही। बच्ची कुल 6 महीने की दुधमुंही है, इसलिए उसे मां के साथ लाया गया। साहिल के बाद मुस्कान को जज के सामने पेश किया गया। उससे भी 16 मिनट तक सवाल-जवाब हुए। साहिल और मुस्कान करीब 46 मिनट जिला जज की कोर्ट में रहे। दोनों ने 14 बजकर 54 मिनट पर कोर्ट में प्रवेश किया और 15 बजकर 40 मिनट पर दोनों बाहर निकले। इसके बाद दोनों को फिर से पुलिस जेल लेकर चली गई।
लंबे समय के बाद साथ दिखे साहिल-मुस्कान: चौधरी चरण सिंह जिला कारागार से पुलिस टीम साहिल और मुस्कान को लेकर करीब 2:30 बजे निकल गई। वहां से दोनों को लेकर सीधे कचहरी चौकी पहुंची। यहां करीब 15 मिनट दोनों एक साथ रहे। दोनों को पुलिस जीप में ही रखा गया था। हालांकि, महिला पुलिसकर्मी भी उसी गाड़ी में मौजूद थी।
सौरभ की मां फूट-फूटकर रोईं: साहिल-मुस्कान को जैसे ही कोर्ट में पेशी पर लाया गया, तो उन्हें देखकर सौरभ की मां रेनू देवी बुरी तरह रोने लगी। वह काफी गुस्से में थीं। उन्होंने कहा- मेरा पूरा परिवार एक साल से मेंटल डिस्टर्ब है। कोई किसी से बात नहीं करता। इस लड़की (मुस्कान) ने मेरा घर बर्बाद कर दिया। दोनों को फांसी की सजा होनी चाहिए। मुझे कोर्ट पर पूरा भरोसा है। मैं नहीं चाहती कि किसी और का घर बर्बाद हो।
मैंने अपने बेटे से एक रुपए नहीं मांगा। कुछ भी नहीं मंगाया, क्योंकि इस लड़की का खर्च ही पूरा नहीं होता था। मेरा बेटा इसी का पूरा खर्चा उठाता था। उसके खर्चे पूरा करने के लिए मेरा बेटा बाहर गया था। मेरी बहू होती तो ऐसे काम थोड़ी करती। उसके मां-बाप ने उसे भगा दिया था। जब वह मेरे घर आ गई, तो हमने तो उसे बेटी माना। बेटी की तरह उसे रखा।
मुस्कान के पेरेंट्स मुंह छिपाकर घूम रहे हैं। वो क्यों आएंगे? मुस्कान के घर में संस्कार ही नहीं थे। पुराण और गाथाओं का ज्ञान नहीं है। उन्होंने डायन बनना सिखाया। इनकी नजर में इंसान की कोई कदर नहीं। अगर इन दोनों को सजा नहीं हुई, तो और लोगों को इससे बल मिलेगा। उनका भय खत्म होगा।
22 गवाहों की गवाही पूरी
मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ हत्याकांड में अब तक 22 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। इन गवाहियों के बाद अभियोजन पक्ष के साक्ष्य (एविडेंस) बंद हो गए हैं। अब कोर्ट में धारा- 313 की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद अंतिम बहस (फाइनल आर्ग्युमेंट) होगी और फिर अदालत अपना फैसला सुनाएगी।

खुद पर लगे आरोपों का जवाब देंगे: मुस्कान और साहिल के खिलाफ 22 गवाहों ने कोर्ट में कई अहम बयान दिए। ज्यादातर गवाहों ने दोनों पर सौरभ की हत्या करने के आरोप लगाए हैं। अब इन्हीं गवाहियों के आधार पर दोनों आरोपियों से 15 से 20 सवाल पूछे जाएंगे, जिनका उन्हें जवाब देना होगा। अगर आरोपी अपने ऊपर लगे आरोपों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तो यह उनके खिलाफ जा सकता है। धारा- 313 की यह पूरी प्रक्रिया 1 से 2 घंटे तक चल सकती है।
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