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सर्राफा एसोसिएशन ने राष्ट्रपति को भेजा मांगों का ज्ञापन

– ज्वैलरी उद्योगों से जुड़े लोगों की जीविका बचाने की लगाई गुहार
– डीएम को ज्ञापन देने के लिए खड़े ज्वैलरी कारोबारी।
फतेहपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के लोगों से सोना न खरीदने के आह्वान के बाद ज्वैलरी कारोबारियों के व्यापार में आ रही गिरावट पर फतेहपुर सर्राफा एसोसिएशन ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर सर्राफा कारोबारियों व उद्योग से जुड़े परिवारों की आजीविका बचाने की गुहार लगाई है। मंगलवार को फतेहपुर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप रस्तोगी उर्फ पप्पन की अगुवाई में सर्राफा कारोबारियों ने कलकेट्रेट पहुँचकर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन भेजकर समस्याओं के निस्तारण की मांग किया। डीएम को सौपे ज्ञापन में बताया कि सर्राफा एवं ज्वैलरी उद्योग केवल एक व्यापारिक गतिविधि नहीं, बल्कि देश की पारंपरिक कौशल विरासत, सूक्ष्म एवं लघु व्यापारिक संरचना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सामाजिक स्थिरता तथा करोड़ों भारतीय परिवारों की आजीविका का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधार है। यह उद्योग प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से ज्वैलर्स, पारंपरिक सुनार, कारीगर, मैन्युफैक्चरिंग, हॉलमार्किंग सेंटर, रिफाइनरीज़ समेत लगभग 3.5 करोड़ भारतीयों एवं उनके परिवारों के रोजगार का साधन है। इसके अलावा दैनिक श्रम आधारित कार्यों से जुड़े लाखों परिवार प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री के सोने के आभूषण क्रय के संबंध में की गई अपील के बाद देश भर के सर्राफा बाजारों में व्यापारिक गतिविधियों में अभूतपूर्व गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान परिस्थितियों में अनेक बाजारों में उपभोक्ता उपस्थिति लगभग समाप्तप्राय हो चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के समक्ष गंभीर आर्थिक एवं व्यावसायिक संकट उत्पन्न हो गया है। हजारों व्यापारी प्रतिदिन सामान्य व्यापारिक गतिविधियों की आशा में अपने प्रतिष्ठान खोलते हैं, किंतु दिनभर अत्यंत सीमित अथवा नगण्य बिक्री होने के कारण आर्थिक निराशा एवं असुरक्षा की स्थिति में अपने प्रतिष्ठान बंद करने को विवश हो रहे हैं। लगातार घटती मांग, स्थायी व्यावसायिक व्यय, कर्मचारियों के वेतन, प्रतिष्ठानों का किराया व बैंक देनदारियां ब्याज विद्युत बिल अदा करने की समस्याएं आ रही है। उन्होंने गोल्ड इम्पोर्ट मेंनेजमेंट के संबंध में ऐसी संतुलित नीति अपनाये जाने, ज्वेलरी एवं सर्राफा उद्योग से जुड़े छोटे व्यापारियों, कारीगरों एवं अमिकों की आजीविका सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में सुनिश्चित करने, प्रोत्साहन-आधारित नेशनल एक्चेंज पालिसी लागू की जाए तथा पुराने सोने के बदलने में टैक्स में राहत प्रदान करने, पुराने सोने के वैध लेन-देन हेतु स्पष्ट, पारदर्शी बनाने, व्यापारियों को उत्पीड़न से संरक्षण करने आदि मांगे शामिल रही। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजेश सोनी, महामंत्री धर्मेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष मोनू रस्तोगी समेत बड़ी संख्या में ज्वैलर्स मौजूद रहे।

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