फतेहपुर। यमुना नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि और बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने तटीय एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से बाढ़ से बचाव एवं सुरक्षा को लेकर विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आधिकारिक चेतावनियों और निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सावधानी बरतें।
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति और नदी के जलस्तर से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर लगातार नजर रखें। परिवार के सभी सदस्यों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को सुरक्षित स्थान और निकासी मार्ग की जानकारी पहले से दे दें।
आवश्यक दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल फोन, चार्जर या पावर बैंक, टॉर्च, सूखा भोजन, पेयजल, माचिस-लाइटर और जरूरी कपड़े सुरक्षित स्थान पर तैयार रखें। पशुओं को भी सुरक्षित एवं ऊंचे स्थान पर रखने तथा उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
घर में बिजली के उपकरणों और गैस कनेक्शन को सुरक्षित रखें। यदि बाढ़ का पानी घर में प्रवेश करने लगे तो बिजली का मुख्य स्विच बंद कर दें। प्रशासन की ओर से सुरक्षित स्थान या राहत शिविर में जाने की सलाह मिलने पर बिना देरी किए वहां पहुंचने की अपील की गई है।
बाढ़ के दौरान तेज बहाव वाले पानी, नालों, नदियों और पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें। जलमग्न सड़क पर पैदल चलने के साथ ही मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर या किसी अन्य वाहन से निकलने का जोखिम भी न उठाएं।
प्रशासन ने अभिभावकों से विशेष रूप से कहा है कि वे बच्चों को नदी, नहर, तालाब और बाढ़ के पानी के आसपास न जाने दें। बाढ़ के पानी में गिरे बिजली के तारों और विद्युत खंभों से भी पूरी तरह दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें और केवल प्रशासन अथवा अधिकृत सरकारी स्रोतों से मिलने वाली सूचनाओं पर भरोसा करें। मोबाइल फोन को आपातकालीन संपर्क के लिए पर्याप्त रूप से चार्ज रखने की भी अपील की गई है।
दूषित पानी व भोजन से रहें सावधान
बाढ़ के बाद बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी सावधानियां बरतने की भी सलाह दी गई है। लोगों से केवल सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करने तथा बाढ़ के पानी में रखा या दूषित भोजन नहीं खाने को कहा गया है।
पानी उतरने के बाद भी बिना उबाले पानी पीने से बचने की सलाह दी गई है। मृत पशुओं अथवा मरे हुए जानवरों से दूरी बनाए रखने और बीमारी या चोट की स्थिति में तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने को कहा गया है।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क
बाढ़ अथवा किसी अन्य आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन से संपर्क करने की अपील की गई है। इसके लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष फतेहपुर: 05180-298632, जिला आपदा हेल्पलाइन: 1077 और राज्य आपदा हेल्पलाइन: 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यमुना के बढ़ते जलस्तर और संभावित बारिश को देखते हुए सतर्क रहें, जरूरी सामान पहले से तैयार रखें और किसी भी चेतावनी को हल्के में न लें। समय पर बरती गई सावधानी ही बाढ़ जैसी आपदा में जान-माल की सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार है।
News Wani
