न्यूज़ वाणी ब्यूरो, बांदा। प्रदेश सरकार जहां सरकारी जमीनों और जलस्रोतों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए अभियान चला रही है, वहीं बांदा जिले की ग्राम पंचायत मवई बुजुर्ग में ऐतिहासिक टेहुआ तालाब के भीटे पर कथित अवैध पक्का निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व विभाग की टीम द्वारा निर्माण कार्य रुकवाए जाने के बावजूद संबंधित व्यक्ति ने कथित तौर पर दबंगई के बल पर मकान का निर्माण पूरा करा लिया।
ग्रामीणों के मुताबिक, टेहुआ तालाब के भीटे पर निर्माण की शिकायत मिलने के बाद कुछ दिन पहले राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम ने निर्माण कार्य रुकवा दिया था, लेकिन इसके बाद भी निर्माण जारी रहा और वहां पक्का मकान खड़ा कर दिया गया। ग्रामीणों का दावा है कि नवनिर्मित मकान की छत पर काली पन्नी डाल दी गई है, जिससे निर्माण दूर से आसानी से दिखाई न दे।
मामले में मुन्ना खान पर अवैध निर्माण कराने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी तालाब की भूमि पर इस तरह निर्माण होने से जलस्रोत के मूल स्वरूप को नुकसान पहुंचने की आशंका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति अधिकारियों तक पहुंच और प्रभाव का हवाला देकर कार्रवाई न होने की बात कह रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तालाब की जमीन से कब्जा हटाने की मांग
मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध रूप से किया गया है, तो नियमानुसार उसे हटाने की कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई है कि निर्माण रुकवाने के बाद दोबारा काम कैसे हुआ, इसकी जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा मिलीभगत सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच कराकर तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए क्या कदम उठाता है।
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