न्यूज़ वाणी ब्यूरो, बांदा। बांदा जिले में ससुर के साथ मारपीट कर उनकी मौत का कारण बनने वाले दामाद को न्यायालय ने 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह कार्रवाई अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभावी पुलिस विवेचना और न्यायालय में पैरवी के बाद हुई।
पुलिस के अनुसार, मामला बिसंडा थाना क्षेत्र के बरौली आजम गांव का है। यहां रहने वाली सुनीता ने 30 दिसंबर 2024 को पुलिस को सूचना दी थी कि उनके दामाद शैलेन्द्र ने 29 दिसंबर 2024 को उनके पति सिधुवा के साथ मारपीट की थी। मारपीट में सिधुवा गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। शिकायत के आधार पर बिसंडा थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मणिशंकर मिश्रा ने की। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने 27 मार्च 2025 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की गई।
पुलिस और अभियोजन की पैरवी से मिली सजा
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक विजय बहादुर सिंह परिहार और उमाशंकर पाल ने न्यायालय में पक्ष रखा। कोर्ट मोहर्रिर मुख्य आरक्षी शैलेन्द्र कुमार, महिला आरक्षी मालती कुमारी और पैरोकार आरक्षी सतीश ने भी पैरवी में सहयोग किया।
न्यायालय बांदा ने आरोपी शैलेन्द्र पुत्र मुन्नीलाल, निवासी अधरौली, थाना बिसंडा, को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105, 115(2) और 351(2) के तहत दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
पुलिस ने इस फैसले को अपराधियों को सजा दिलाने के अभियान के तहत महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया है।
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