बांदा। न्यूज़ वाणी। मवई बुजुर्ग गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं चारों धाम पूजा में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। रविवार को कथा के छठवें दिन श्रद्धालुओं ने भगवान शिव-पार्वती विवाह, हनुमंत कथा और रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनकर भक्ति का आनंद लिया। इस दौरान पूरा कथा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
गांव में बिंदा प्रसाद शुक्ला एवं प्रेमलता शुक्ला के निवास पर धार्मिक आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है। छठवें दिन वृंदावन धाम से पधारीं भागवताचार्य राधिका द्विवेदी ने अपनी मधुर वाणी में विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने भगवान शंकर और माता पार्वती के विवाह की कथा सुनाते हुए शिव-पार्वती के प्रेम, समर्पण और आदर्श जीवन का संदेश दिया। इसके साथ ही हनुमंत कथा और भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह का प्रसंग भी विस्तार से सुनाया।
कथा के दौरान जब भागवताचार्य ने ‘मेरे बजरंग बली, लंका बता दियो कैसे जली’ भजन प्रस्तुत किया तो श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पंडाल में मौजूद महिला और पुरुष भक्त भजनों की धुन पर झूमने लगे। पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया और श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
इस धार्मिक आयोजन के संरक्षक बलराम शुक्ला हैं। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में अजय शुक्ला, विजय शुक्ला, शीतल, प्रदीप, ललित, अमन यादव, पप्पू तिवारी, राजनारायण तिवारी, गोपी सिंह, विपिन शुक्ला और अंकुर सहित अन्य लोग सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।
कथा स्थल पर भागवताचार्य के सहयोग और सेवा कार्यों में अंतिमा शुक्ला, रोशनी यादव, लक्ष्मी यादव सहित अन्य सेवादार भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सात दिवसीय धार्मिक आयोजन को लेकर गांव में उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।
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