फतेहपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में उपशिक्षा निदेशक एवं प्राचार्य माया राम के मार्गदर्शन में डीएलएड बैच 2026 के नवप्रवेशित प्रशिक्षुओं के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय संविधान की उद्देशिका के सामूहिक पाठ से हुआ।
प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य माया राम ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र का निर्माता होता है और किसी भी देश का भविष्य उसकी कक्षाओं में तैयार होता है। शिक्षण पेशे को चुनकर प्रशिक्षुओं ने राष्ट्र और समाज के नवनिर्माण की जिम्मेदारी स्वीकार की है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशिक्षण की दो वर्षीय शैक्षणिक यात्रा के दौरान संस्थान प्रशिक्षुओं को बेहतर शिक्षक बनाने के लिए हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा कि प्रशिक्षुओं को क्या पढ़ाना है और उसे प्रभावी ढंग से कैसे पढ़ाना है।
कार्यक्रम में संस्थान के संकाय सदस्यों ने अपना शैक्षणिक परिचय दिया, जबकि नवप्रवेशित प्रशिक्षुओं ने भी अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रुचियों के बारे में जानकारी साझा की। प्रभारी सेवापूर्व प्रशिक्षण डॉ. अमृत कुमार यादव ने डीएलएड पाठ्यक्रम की रूपरेखा और प्रशिक्षण संबंधी नियमों की विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षुओं में शिक्षकीय नैतिकता और मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के उद्देश्य से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन द्वारा अपने पुत्र के शिक्षक के नाम लिखे पत्र का भावानुवाद प्रस्तुत किया गया।
प्रवक्ता मानवेन्द्र सिंह ने शिक्षण में कला की उपयोगिता और इससे जुड़े अवसरों पर प्रकाश डाला। प्रवक्ता भारती सिंह और अन्तिमा ने भी अपने शैक्षणिक सफर के अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता अजीत कुमार निगम, राकेश कुमार सचान, शशांक शेखर शुक्ला, आरती गुप्ता सहित संस्थान के समस्त संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमृत कुमार यादव ने किया। आयोजन के संचालन में डीएलएड बैच 2024 और 2025 के प्रशिक्षु सचिन कुमार, विशेष कुमार, सान्या गुप्ता और जयलक्ष्मी ने सहयोग प्रदान किया।
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