फतेहपुर। बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं वर्ष 2022 में सदर विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी रहे अय्यूब खान के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद जिले की सियासत में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष अय्यूब खान ने सैकड़ों समर्थकों के साथ सपा की सदस्यता ग्रहण की। उनके सपा में शामिल होने को जिले की राजनीति में एक महत्वपूर्ण सियासी घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
अय्यूब खान ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी से की थी। संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्होंने जिले में अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें सदर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया था। चुनाव के बाद भी वह लगातार अपने समर्थकों और क्षेत्रीय लोगों के बीच सक्रिय रहे।
अब सपा का दामन थामने के बाद अय्यूब खान की नई राजनीतिक पारी को लेकर जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक जानकारों की नजर इस बात पर है कि सपा में उनकी भूमिका किस रूप में तय होती है और आने वाले समय में पार्टी उन्हें किस जिम्मेदारी के साथ मैदान में उतारती है।
अय्यूब खान को सपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी का करीबी भी माना जाता रहा है। इसी राजनीतिक संपर्क को देखते हुए सपा में उनकी एंट्री को लेकर भी तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अय्यूब खान के साथ समर्थकों का सपा में आना पार्टी के लिए स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
खासकर सदर विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सक्रियता और व्यक्तिगत संपर्कों को देखते हुए आने वाले दिनों में उन्हें संगठन में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हैं। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अभी से अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में अय्यूब खान का सपा में शामिल होना आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
समर्थकों के बीच यह चर्चा भी है कि पार्टी उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है। अब देखना होगा कि सपा नेतृत्व अय्यूब खान को आने वाले समय में कौन सी जिम्मेदारी सौंपता है और उनकी नई राजनीतिक पारी जिले की सियासत में कितना असर डालती है।
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