नियमितीकरण, स्थानांतरण नीति और सामाजिक सुरक्षा की मांग; सीएमओ को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
महोबा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले जुटे कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए न्यूनतम 18 हजार रुपये मासिक मानदेय, नियमितीकरण, पारदर्शी स्थानांतरण नीति और सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने की मांग उठाई।
जिला संयोजक शिवचरन पाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारी हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे। प्रदर्शन के बाद समिति की ओर से सीएमओ को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
वर्षों से सेवा के बावजूद नियमितीकरण नहीं
कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक नियमितीकरण का लाभ नहीं मिला है। उनका कहना है कि संविदा कर्मियों की सेवा अवधि और अनुभव को देखते हुए वेतन वृद्धि तथा नियमितीकरण की व्यवस्था की जानी चाहिए।
समिति ने मांग की कि एनएचएम कर्मियों का न्यूनतम मासिक मानदेय 18 हजार रुपये किया जाए। साथ ही अनुभव के आधार पर पारदर्शी वेतन वृद्धि लागू करने की भी मांग की गई।
सीएचओ के नियमितीकरण की भी मांग
प्रदर्शनकारियों ने लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों और छह वर्ष की सेवा पूरी कर चुके सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में समाहित कर नियमित करने की मांग रखी। इसके अलावा खाली पदों को जल्द भरने और कर्मचारियों के लिए पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग भी उठाई गई।
ईपीएफ, ईएसआई और स्वास्थ्य बीमा का लाभ मांगा
संयुक्त संघर्ष समिति ने सभी कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। आउटसोर्स कर्मचारियों के समायोजन और उन्हें सेवा निगम का लाभ देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने की चेतावनी भी दी। प्रदर्शन के दौरान संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में एनएचएम संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।
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