नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास और भविष्य की दिशा को लेकर कई अहम बातें कहीं। अपने संबोधन में उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य, युवाओं की भूमिका, तकनीकी विकास, आत्मनिर्भरता और महिला भागीदारी पर विशेष जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को अब छोटे लक्ष्यों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बड़े सपनों और मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कार्य संस्कृति और सोच में बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में उन कामों को तेजी से पूरा करना होगा, जो लंबे समय से लंबित रहे हैं।
युवाओं के लिए AI प्रशिक्षण और मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
युवाओं को लेकर प्रधानमंत्री ने बड़ी पहल का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने की योजना है। इसके अलावा गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही।
महिला भागीदारी बढ़ाने पर जोर
महिला प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों से महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी देश की नीति निर्माण प्रक्रिया को और मजबूत करेगी।
आत्मनिर्भर भारत को बताया भविष्य की जरूरत
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता को देश की रणनीतिक जरूरत बताते हुए कहा कि भारत को अपनी क्षमताओं को लगातार बढ़ाना होगा। उन्होंने मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल को आगे बढ़ाने की बात कही। सेमीकंडक्टर निर्माण और अन्य क्षेत्रों में घरेलू क्षमता विकसित करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
तकनीक, ऊर्जा और ग्रीन इकोनॉमी पर फोकस
संबोधन में डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम तकनीक को भविष्य की महत्वपूर्ण ताकत बताया गया। साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन मोबिलिटी और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में भारत की क्षमता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया।
सात प्रमुख शक्तियों से देश को नई दिशा देने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने विकास के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, किसान और फूड प्रोसेसिंग, तकनीक एवं इनोवेशन, कनेक्टिविटी, रक्षा, ग्रीन-ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्र शामिल रहे।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, योग, आयुर्वेद, हस्तशिल्प, फिल्म, गेमिंग, एनीमेशन और डिजिटल कंटेंट को भी वैश्विक स्तर पर भारत की ताकत के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
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