लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव के साथ धनराज परिमल नथवानी को भी राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। दोनों उम्मीदवार बुधवार को नामांकन दाखिल करने वाले हैं।
धनराज परिमल नथवानी कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े हैं और रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं। वे उद्योग जगत के साथ-साथ खेल प्रशासन और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। उनके पिता परिमल नथवानी भी राज्यसभा सांसद हैं।
सपा की ओर से धनराज नथवानी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद राज्यसभा चुनाव की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। उनका नाम पार्टी के पारंपरिक राजनीतिक चेहरों से अलग कॉरपोरेट पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार के तौर पर सामने आया है।
धनराज नथवानी ने उद्योग और खेल क्षेत्र में भी काम किया है। वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े रहे हैं और गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन में भी पद संभाल चुके हैं। इसके अलावा वे पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं।
अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन
समाजवादी पार्टी ने बताया कि रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी 30 सितंबर को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। नामांकन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक भी मौजूद रहे।
यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हुई है। उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 16 अक्टूबर को होगा और उसी दिन मतगणना की जाएगी।
सपा के तीसरे उम्मीदवार पर भी नजर
सपा ने फिलहाल दो उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। पार्टी की ओर से तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। इससे पहले रिपोर्टों में सपा के तीन उम्मीदवार उतारने की तैयारी की बात सामने आई थी। तीसरे नाम की आधिकारिक घोषणा के बाद चुनाव में पार्टी की रणनीति की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
धनराज नथवानी की पृष्ठभूमि
धनराज नथवानी ने लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की है। कॉरपोरेट क्षेत्र के अलावा उनका जुड़ाव खेल प्रशासन से भी रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, वे रिलायंस समूह की कई कंपनियों से जुड़े पदों पर भी काम कर चुके हैं।
राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद अब सभी राजनीतिक दलों की नजर नामांकन प्रक्रिया और विधानसभा में उपलब्ध समर्थन के समीकरण पर है। चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ प्रत्याशियों और दलों की रणनीति भी स्पष्ट होगी।
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