लखनऊ। चारबाग इलाके में पांच साल के बच्चे की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 1.65 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले में बच्चे के साथ कुकर्म करने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या किए जाने का आरोप था।
अदालत के फैसले के बाद मामले में पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को हत्या के मामले में दोषी माना और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।
मामला चारबाग क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पांच साल के बच्चे के साथ कुकर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाह पेश किए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। इसके बाद उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ 1.65 लाख रुपये का आर्थिक दंड भुगतने का आदेश दिया गया।
घटना के बाद पुलिस ने शुरू की थी जांच
घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई और मामला अदालत तक पहुंचा।
अदालत में हुई साक्ष्यों और गवाहों की सुनवाई
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने घटना से संबंधित साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। अदालत ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार किया। इसके बाद आरोपी को अपराध का दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई।
हत्या और कुकर्म के मामले में सुनाई गई सजा
अदालत का फैसला बच्चे की हत्या से जुड़े इस गंभीर मामले में आया है। आरोपी को आजीवन कारावास के साथ 1.65 लाख रुपये का जुर्माना भी भरने का आदेश दिया गया है। जुर्माने की राशि और सजा से संबंधित अन्य कानूनी प्रक्रिया अदालत के आदेश के अनुसार पूरी की जाएगी।
पीड़ित परिवार को फैसले का इंतजार था
घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार मामले में न्यायिक फैसले का इंतजार कर रहा था। अदालत के फैसले के बाद मामले की सुनवाई का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है। गंभीर अपराध के मामलों में पुलिस जांच के बाद न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया जाता है।
मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया
अदालत के फैसले के बाद आरोपी के पास कानून के तहत उपलब्ध न्यायिक विकल्पों का रास्ता खुला रहता है। यदि फैसले के खिलाफ अपील की जाती है तो संबंधित उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई हो सकती है। फिलहाल ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास और 1.65 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
News Wani
